
लंबित मांगों को लेकर नर्सेज ने सौंपा ज्ञापन
बालोतरा. राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत जिला शाखा बाड़मेर ने मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 31 अगस्त तक समझौतों को लागू करने, लम्बित मुख्य मांर्गों पर राज्यादेश जारी करने, सामंत कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। जिलाध्यक्ष मामराज विश्नोई ने बताया कि 4 वर्षों से नर्सेज विभिन्न मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना, प्रदर्शन कर रहा है। मुख्यमंंत्री, मंत्री मण्डल स्तर की कई वार्ताएं की, लेकिन झूठे आश्वासन दिए गए। वार्ता में सहमति होने के बावजूद राज्यादेश जारी नहीं किया गया। सामंत कमेटी का कार्यकाल 31 दिसंबर 2018 तक बढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला उपाध्यक्ष जगदीश हिंदाल ने 31 अगस्त तक समझौतों को लागू कर सभी लम्बित मांगें पूरी कर राज्यादेश जारी करवाने, सामंत कमेटी कि रिपोर्ट शीघ्र लागू करने मांग की। जिला महामंत्री प्रमोद आशिया,चन्द्रप्रकाश शर्मा ने मांगें नहीं मानने पर 10 सितम्बर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ करने की चेतावनी दी। उन्होंने केन्द्र समान वेतन , भत्ता देने, द्वितीय,प्रथम एवम नर्सिंग ट्यूटर के पदनाम परिर्वतन करने, संविदा नर्सेज का नियमतिकरण करने,नई पेंशन स्कीम को वापस लागू करने आदि की मांगें की। इस अवसर पर नाहटा चिकित्सालय के नर्सिंग अधीक्षक उमाराम पटेल, जेठाराम,हुक्माराम प्रजापत, पोकरराम नामा, कांतीलाल, विश्नाराम, हेमलता, मोहनलाल कच्छावाह, सुखदेव, मांगीलाल, गोविन्दसिंह मौजूद थे।
इधर,जल बोर्ड गठन का विरोध, आज सौंपेंगे ज्ञापन
बालोतरा.
प्रदेश सरकार के जलदाय विभाग की जगह जल बोर्ड गठन करने के निर्णय के विरोध में बुधवार को जलदाय विभाग के विभिन्न संगठनों के कर्मचारी, पदाधिकारी राज्य व्यापी आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय पर जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपेंगे।
मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उप सचिव गणपतलाल पंवार ने बताया कि प्रदेश सरकार के जलदाय विभाग की जगह जल बोर्ड गठन करने के निर्णय के विरोध में प्रदेश भर के कर्मचारियों में रोष है। इसके विरोध मेें प्रदेश व्यापी आह्वान पर बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर जलदाय विभाग के राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ, प्रांतीय नल मजदूर यूनियन इंटक, राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ बीएमएस, सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य एकत्रित होकर जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। सरकार को इस निर्णय को बदलने की मांग करेंगे।
Published on:
29 Aug 2018 01:57 am
