
Our body is the unique gift of Lord
हमारा शरीर प्रभु का अनुपम उपहार
बाड़मेर . शहर के कोटडिय़ा नाहटा ग्राउण्ड में चल रहे कार्यक्रम के तहत रविवार को मुनि मनितप्रभ सागर ने कहा कि हमारा शरीर प्रभु द्वारा प्रदत्त ऐसा उपहार है जो हमें आराधना और साधना से जोड़े रखने में सहायक है। क्योंकि यह शरीर ही है जिससे हम धार्मिक क्रियाओं को कर सकते हंै। उन्होंने कहा कि ज्यादा बोलने वाला पशु समान है।
दीक्षाॢथयों का वरघोड़ा आज : खरतरगच्छ चार्तुमास समिति के सहसंयोजक अशोक धारीवाल ने बताया कि सोमवार को मुनि मनितप्रभ सागर व साध्वी सुरंजना के सानिध्य में एक साथ 5 मुमुक्षु का वरघोड़ा कुशल कांति मणि प्रवचन वाटिका में सुबह 8 बजे निकलेगा।
नवांगी पूजा कार्यक्रम संपन्न : शहर के विद्यापीठ स्थित भगवान विमलनाथ मंदिर में रविवार को जैन सोशियल ग्रुप की ओर से नवांगी पूजा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। राहुल मालू ने बताया कि इस मौके पर बालक-बालिकाओं ने जैन विधि से पूजा की। बालक-बालिकाओं ने जमीनकंद व रात्रि भोजन का त्याग करने का निर्णय किया। कार्यक्रम में जोगेश छाजेड़, राहुल मालू, मोती सिंघवी, जिनेश मेहता, सुभाष छाजेड़, गौरव श्रीश्रीमाल, सुमित संखलेचा, भरत भंसाली, सुमेर बोहरा, शुभम जैन आदि उपस्थित रहे।
मुमुक्षु स्वीटी व सुरभि की दीक्षा 10 फ रवरी को नागौर में : यहां रविवार को नागौर निवासी मुमुक्षु स्वीटी खजांची व सुरभि खजांची के दीक्षा मुहूर्त की घोषणा साध्वी सुरंजना के सानिध्य में हुई। मुमुक्षु बहनों की दीक्षा अगले साल 10 फरवरी को होगी। खरतरगच्छ संघ चातुर्मास समिति के अध्यक्ष गौतम डूंगरवाल ने बताया कि मुमुक्षु बहनें आयंबिलशाला भवन से ढोल-ढमाके के साथ जैन न्याति नोहरे पहुंची। जहां संघ की ओर से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में मंगलाचरण किया। मुनि मनितप्रभसागर ने संयम की महत्ता बताते हुए कहा कि संयम ही जीवन का श्रृंगार है। मनुष्य संयम धारण कर सकता है, इसलिए समस्त जीवों में वह श्रेष्ठ है। साध्वी सुरंजना ने कहा कि जिसके जीवन में संयम नहीं, उसका जीवन बिना ब्रेक की गाड़ी जैसा है। संयम बिना प्राणी अधूरा है। दीक्षार्थी परिवार की ओर से दीक्षा मुहूर्त प्रदान करने की विनती पर साध्वी ने 10 फ रवरी को दीक्षा मुहूर्त की घोषणा की। मुमुक्षुओं को विनयकुशलमुनि दीक्षा प्रदान करेंगे।
Published on:
19 Nov 2018 08:52 pm
