
Our responsibility to reduce the consumption of chemical fertilizers
रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करना हमारी जिम्मेदारी
- कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी में 15 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
गुड़ामालानी .
कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ वातावरण को संतुलित रखते हुए उर्वरकों की खपत कम करना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। इससे आने वाले समय में प्रति हैक्टेयर लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के साथ वातावरण भी संतुलित हो सकेगा। यह बात कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. ईश्वरसिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी में 15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रय प्रशिक्षण के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश जनसंख्या की जीविकोपार्जन कृषि पर आधारित है। बढ़ती जनसंख्या, बाजार का वैश्वीकरण तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि से खाद्य व अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ी है। ऐसे में उन्नत तकनीक अपनाने से उत्पादन में वृद्धि होगी।
केन्द्र प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने कहा कि विश्व में वातावरणीय परिर्वतन में अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग भी एक कारक है। ऐसे में इसे रोकना नितान्त आवश्यक है। जिले में लगातार बढ़ रहे कृषि क्षेत्र के साथ-साथ प्रति हेक्टेयर उर्वरक खपत बढ़ रही है। अभी से संतुलित व मृदा परिक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित प्रयोग पर्यावरणीय हानि से बचा सकता है। प्रशिक्षण सहप्रभारी डॉ. लखमाराम चौधरी ने प्रशिक्षण का उद्देश्य की जानकारी दी। इस अवसर पर जेठूदान, राजूराम, बिजलाराम, गंगाराम व तुरफान खान ने संबोधित किया।
Published on:
07 May 2019 08:44 pm
