6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब सिलेंडर से नहीं, पाइप से पहुंचेगी अस्पताल के वार्ड में ऑक्सीज

https://www.patrika.com/barmer-news/
2 min read
Google source verification
Oxygen in the hospital ward will not reach the cylinder now

Oxygen in the hospital ward will not reach the cylinder now

अब सिलेंडर से नहीं, पाइप से पहुंचेगी अस्पताल के वार्ड में ऑक्सीजन
राजकीय अस्पताल में सेंट्रल प्लांट का ट्रायल शुरू...
-गंभीर मरीजों को रैफर नहीं करना पड़ेगा, आइसीयू में बढ़ जाएंगी सुविधाएं
-जटिल ऑपरेशन में सहायक बनेगा प्लांट का सिस्टम
नम्बर गेम
16 आक्सीजन सिलेंडर लगेंगे
8-8 के पैनल में लगाए जाएंगे सिलेंडर
1 सिलेंडर इमरजेंसी उपयोग के लिए
2 सिलेंडर मेडिकल गैस के लिए अलग से होंगे
बाड़मेर. मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध राजकीय चिकित्सालय में सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो गया है। वार्डों में यहां से ऑक्सीजन निर्बाध रूप से दिए जाने को लेकर ट्रॉयल शुरू कर दिया गया है। ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी। वहीं ऑपरेशन व वेंटिलेटर चलाने में प्लांट सहायक सिद्ध होगा।
अस्पताल में ऑक्सीजन के सेंट्रल प्लांट का काम काफी समय से चल रहा था। अब यहां पर काम पूरा करने के साथ पाइप से ऑक्सीजन, सक्शन व मेडिकल एयर आदि की ट्रायल की जा रही है।
दो पैनल में लगेंगे 16 सिलेंडर
प्लांट में 16 ऑक्सीजन सिलेंडर लगाए जाएंगे। जिससे पाइप लाइन से ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इसमें 8-8 सिलेंडर के सेट लगाए जा रहे हैं। इसमें एक सेट के सिलेंडर की ऑक्सीजन खत्म होने पर दूसरे सेट से आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके चलते ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रहेगी।
बहुउपयोग है प्लांट
सेंट्रल प्लांट से 6 पाइप लाइन जुड़ी हुई है। इसमें वार्ड के लिए ऑक्सीजन की पाइप लाइन है तो इमरजेंसी, आइसीयू व ऑपरेशन थियेटर के लिए ऑक्सीजन के साथ सक्शन, मेडिकल एयर आदि अतिरिक्त होंगे। इससे कई जटिल ऑपरेशन में आने वाली दिक्कतें खत्म हो जाएगी।
पैनल से रहेेगी निगरानी
सेंट्रल आक्सीजन प्लांट में अलग-अलग पैनल लगाए गए हैं। इसमें यह पता चलेगा कि कौनसे सिलेंडर में आक्सीजन की कमी है। यह पैनल पर आंकड़ों में सब कुछ नजर आएगा। इसके अलावा अलार्म सिस्टम भी लगाया गया है, जो प्लांट से सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन में कुछ भी खराबी आने पर बजेगा। वहीं ऑक्सीजन कम होने की स्थिति में भी अलार्म सचेत कर देगा।
वेंटिलेटर शुरू होने की उम्मीद बढ़ी
ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से आइसीयू में अब वेंटिलेटर शुरू होने की उम्मीद भी बढ़ी है। वेंटिलेटर शुरू होने पर गंभीर हालात वाले मरीजों को रैफर नहीं करना पड़ेगा तथा उन्हें यहां पर ही उपचार व सुविधा मिल जाएगी। समय पर उपचार मिलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकेगी।
सिलेंडर ले जाने की परेशानी नहीं होगी
अस्पताल के कार्मिकों को ही ऑक्सीजन के सिलेंडर वार्ड व इमरजेंसी सहित ऑपरेशन थियेटर में ले जाने पड़ते हैं। अब प्लांट शुरू होने के बाद सिलेंडर ले जाने की परेशानी खत्म हो जाएगी। इससे कार्मिकों को भी राहत मिलेगी।
यहां पाइप लाइन से पहुंचेगी ऑक्सीजन
-आइसीयू
-आइसीसीयू
-एसएनसीयू
-ऑपरेशन थियेटर
-इमरजेंसी