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सरकारी आदेश व अधिकारियों के निर्देश पर पीईईओ भारी

- बालोतरा ब्लॉक में वेतन स्थरीकरण का मामला

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पहले विभाग ने अटकाया, अब पीईईओ भारी

पहले विभाग ने अटकाया, अब पीईईओ भारी

बाड़मेर
शिक्षा विभाग के नवसृजित पीईईओ (पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी ) है कि न तो सरकार के आदेश मान रहे हैं और ना ही शिक्षा विभाग के निर्देशों की चिंता। एेसा होता तो बालोतरा ब्लॉक के 72 शिक्षक परिवीक्षाकाल पूर्ण होने के बावजूद पूरी तनख्वाह का नहीं तरसते, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनवरी 2018 का वेतन इन्हें पूरा दिया जाए। खास बात यह है कि परिवीक्षा काल पूर्ण हुए दस माह होने के बावजूद अभी तक फिक्स वेतन ही पा रहे हैं। बालोतरा ब्लॉक में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2013 में लगे 72 शिक्षकों का परिवीक्षा काल 2017 में हो गया। क्योंकि इन शिक्षकों को 2015 में नियुक्ति मिली थी। इस दौरान जिनकी सेवाएं संतोषजनक पाई गई, उनका वेतन नियमन व स्थरीकरण का परिलाभ मिलना था, लेकिन अधिकांश को यह लाभ दस माह बाद भी नहीं मिला।

पहले विभाग ने अटकाया, अब पीईईओ भारी- परिवीक्षा काल पूर्ण होने के बाद शिक्षा विभाग को नियमानुसार समय पर वेतन स्थरीकरण करना था, लेकिन नहीं किया। इसके बाद शिक्षक व शिक्षक संघों ने बार-बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया, तब जाकर जनवरी 2018 में ब्ल्ॉाक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर वेतन स्थरीकरण करने को कहा, लेकिन इस दौरान पीईईओ के मार्फत वेतन बनाने के आदेश आ गए। अब अधिकांश पीईईओ ने जनवरी का वेतन फिक्स मानदेय के आधार पर ही बनाया है।
यह है अंतर- परिवीक्षाकाल के दौरान शिक्षकों को दो साल तक 13 हजार 200 रुपए मिलते हैं। परिवीक्षा काल पूरा होने के बाद वेतन स्थरीकरण के चलते 34 हजार 800 रुपए मिलने हैं। एेसे में लगभग ढाई गुना वेतन बढ़कर आना चाहिए, लेकिन एेसा नहीं हुआ।

प्रतिनियुक्त एकल शिक्षक वेतन को तरस रहे- ब्लॉक में प्राथमिक शिक्षा के कई शिक्षक एेसे हैं, जिन्हें उन विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया गया है, जहां अध्यापक नहीं है। इन शिक्षकों को तो वेतन भी नहीं मिल रहा। पीईईओ कह रहे हैं कि प्रतिनियुक्ति के चलते वे वेतन नहीं बनाएंगे, जबकि सरकार ने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि एेसे विद्यालय जहां शिक्षक नहीं है, वहां प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक लगाए जाए, जिससे की विद्यालय बंद नहीं हो।
वेतन स्थरीकरण नहीं तो शिक्षक होंगे आंदोलन को मजबूर- नियमानुसार दो साल के परिवीक्षा काल के बाद वेतन स्थरीकरण होना चाहिए, लेकिन बालोतरा ब्लॉक में एेसा नहीं हुआ। दस माह बाद आदेश जारी हुए, लेकिन कई पीईईओ अब भी पुराना वेतनमान ही दे रहे हैं, जो गलत है। जल्दी ही वेतन स्थरीकरण होना चाहिए वरना शिक्षक व संघ आंदोलन को मजबूर होगा। एकल प्रतिनियुक्त शिक्षकों को भी वेतन मिलना चाहिए।- कांतिलाल व्यास, जिलाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय