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ये कैसा नेशनल हाइवे, बीच सडक़ 132केवी लाइन का बिजली टावर

यहां से निकलने पर खतरा मंडरा रहा है। हादसे की आशंका के चलते विभागों पर सवाल खड़ा हो रहा है।जालीपा में कोयला खनन क्षेत्र होने के कारण भाडखा से जालीपा तक हाइवे इलाके के बीच आ जाने के कारण करीब 28 किमी मार्ग को शिफ्ट किया है।
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 29 Feb 2024, 6:47 PM IST

ये कैसा नेशनल हाइवे, बीच सडक़ 132केवी लाइन का बिजली टावर

ये कैसा नेशनल हाइवे, बीच सडक़ 132केवी लाइन का बिजली टावर

बाड़मेर को जैसलमेर से जोडऩे वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 68 पर रोड को शिफ्ट किया गया है। करीब 28 किमी रोड शिफ्ट करने के दौरान यहां से निकलने वाले हाईटेशन लाइन को नहीं हटाया और ठेेकेदार ने टावर के ठीक नीचे से मार्ग बना दिया। यहां से वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। इसके चलते अब बड़े वाहन यहां से निकलने पर खतरा मंडरा रहा है। हादसे की आशंका के चलते विभागों पर सवाल खड़ा हो रहा है।
जालीपा में कोयला खनन क्षेत्र होने के कारण भाडखा से जालीपा तक हाइवे इलाके के बीच आ जाने के कारण करीब 28 किमी मार्ग को शिफ्ट किया है। जिस पर करीब 160 करोड़ रुपए की लागत आई। लेकिन जहां पर हाइवे शिफ्ट किया, वहां से 123केवी की हाईटेशन लाइन का टावर लगा था, जिसे हटाए बिना मार्ग बना दिया गया। अब हाईवे का यातायात इस टावर के नीचे से होकर निकल रहा है।
भयभीत रहते है वाहन चालक
बड़े वाहन यहां से निकलते वक्त चालक भयभीत हो जाते है। हाइवे पर ओवरलोड वाहनों की भरमार है। इसके चलते यहां पर कभी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।