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बस स्टैंड के पास से संचालन, रोडवेज की समय सारणी से चल रही लोक परिवहन की बसें! जिम्मेदार नहीं कर रहे कोई कार्रवाई

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Public transport buses running from time to time of roadways

Public transport buses running from time to time of roadways

रोडवेज के आगे-पीछे चलती है लोक परिवहन की बसें : परिवहन आयुक्त के आदेशों की नहीं हो रही पालना
बस स्टैंड के पास से संचालन, रोडवेज की समय सारणी से चल रही लोक परिवहन की बसें!
जिम्मेदार नहीं कर रहे कोई कार्रवाई
बाड़मेर . लोक परिवहन की बसों का संचालन केंद्रीय बस स्टैंड के नजदीक होने से रोडवेज को नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस स्थिति में आए दिन बसों के संचालकों व रोडवेज कार्मिकों में विवाद हो रहा है। लेकिन प्रशासन व परिवहन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
लोक परिवहन बसों को निर्धारित रूट के अनुसार वाहन संचालन का परमिट मिला हुआ है। साथ ही रोडवेज बस स्टैंड से दो किमी की परिधि के बाहर से लोक परिवहन वाहन का संचालन करना है। लेकिन लोक परिवहन संचालक केंद्रीय बस स्टैंड के पास से ही
बसों का संचालन कर रहे हैं। इसके चलते विवाद हो रहा है। रोडवेज का कहना है कि जहां रोडवेज बस स्टैंड के बाद ठहराव है वहीं से लोक परिवहन का संचालन किया जा रहा है। इससे रोडवेज को सवारियां नहीं मिलती है।
संचालन का समय एक जैसा : बाड़मेर से जिस रूट से रोडवेज की बसों के संचालन होता है। इसके बाद लोक परिवहन की बसों का समय निर्धारित किया हुआ है। वहीं जोधुपर सहित अन्य मार्गोँ पर चलने वाली लोक परिवहन का रूट भी अलग से निर्धारित है। लेकिन रोडवेज कार्मिकों का कहना है कि लोक परिवहन की बसें रोडवेज के आगे-पीछे ही चलती हैं। वहीं रोडवेज से पहले ही बस का संचालन किया जा रहा है।
नियमों की हो रही अवहेलना
रोडवेज व लोक परिवहन कर्मियों के बीच हुए विवाद के बाद परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी कर निजी बसों का स्टैंड रोडवेज स्टैंड से 2-5 किलोमीटर दूर स्थापित करने के निर्देश जारी किए। इसके बाद भी लोक परिवहन की बसें रोडवेज बस स्टैंड से सवारी भर कर ले जाती हैं। ऐसे में परिवहन विभाग भी आदेशों की पालना करवाने में अनदेखी कर रहा है। जिससे लोक परिवहन संचालकों के हौसले बढ़ रहे हैं।
गरीबी में हो रहा
आटा गीला
लम्बे समय से राजस्थान रोडवेज घाटे में होने के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परिलाभ तक नहीं मिल रहा। साथ ही बसों के टायर व अन्य सामान भी समय पर नहीं पहुंच रहा है। पिछले दिनों हड़ताल में रोडवेज को अरबो रुपयों का घाटा हुआ था। एेसे में लोक परिवहन के सवारियां ले जाने से रोडवेज की गरीबी में आटा गीला जैसी स्थिति हो रही है।
मनमर्जी का संचालन
लोक परिवहन की बसों का रूट निर्धारण के अलावा स्टैंड भी परमिट में तय किए हुए हैं। लेकिन सवारियों के चक्कर में चालक-परिचालक मनमर्जी से बसों का ठहराव करते हैं। कई बार यात्रियों से पैसे भी ज्यादा वसूलने की शिकायतें आई थी। वहीं तेज रफ्तार बसों के हमेशा दुर्घटना का अंदेशा रहता है।
कई बार मांग उठाई
&लोक परिवहन के अवैध संचालन को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत करवाया। इसके बाद भी बस स्टैंड के पास से संचालन जारी है। - रूगाराम धतरवाल, जिलाध्यक्ष, एटक शाखा बाड़मेर