14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Barmer News: धोरों के बीच छिपा बैठा था हार्डकोर तस्कर, नहीं रखता था फोन, ATS ने घेराबंदी कर पकड़ा

एटीएस के आइजी विकासकुमार ने बताया कि एटीएस व एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन मदराघव के तहत अवैध पदार्थों की तस्करी में लिप्त हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर इनामी तस्कर श्रीराम को गिरफ्तार किया है।

2 min read
Google source verification
Rajasthan ATS arrests wanted smuggler from Barmer

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो- पत्रिका

राजस्थान एटीएस की विशेष टीम ने रविवार को कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त कुख्यात तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। टीम ने ऑपरेशन मदराघव के तहत कार्रवाई की।

एटीएस के आइजी विकासकुमार ने बताया कि एटीएस व एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन मदराघव के तहत अवैध पदार्थों की तस्करी में लिप्त हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर इनामी तस्कर श्रीराम उर्फ संजय निवासी गांव नई बांड, गुड़ामालानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ करीब 15 साल में 23 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जो लंबित चल रहे हैं। राजस्थाना पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

बर्तन व्यवसाय में था कम मुनाफा, इसलिए तस्करी

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी शुरूआती दिनों में बर्तन बेचने का व्यवसाय करता था, लेकिन ज्यादा मुनाफा नहीं होने पर अधिक पैसे कमाने के लालच में अपराध की राह चुन ली। वर्ष 2010 में तस्करों से संपर्क साधा और मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी।

खुद बादशाह बना

मादक पदार्थों की तस्करी के लिए तस्कर भागीरथ जाणी व खरताराम जाट के गिरोह के साथ मिलकर डोडा पोस्त तस्करी कार्य शुरू किया और काम चलता रहा। वर्ष 2018 में तस्कर खरताराम का पुलिस एनकाउंटर होने के बाद उस क्षेत्र का सरगना बन गया और बड़े स्तर पर तस्करी शुरू कर दी।

8 साल जेल काटी, फिर भी नहीं छोड़ा काम

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी श्रीराम को पहले मुकदमे में वर्ष 2012 में गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय 3 साल जेल में रहा और जमानत पर रिहा हुआ, लेकिन तस्करी नहीं छोड़ी। वर्ष 2020 में फिर पकड़ा गया। इसके बाद अप्रेल 2025 में पैरोल लेकर फरार हो गया। अब पुलिस ने दबोच लिया है।

यह वीडियो भी देखें

राजनीति सरंक्षण का फायदा

पुलिस ने बताया कि आरोपी पैरोल से फरार होने के बाद बाड़मेर व जोधपुर में फरारी काटी और पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल का भी उपयोग नहीं कर रहा था। साथ ही आरोपी के पारिवारिक सदस्य राजनीति में होने के कारण रसूख का फायदा उठा रहा था। पुलिस को टीम को गोपनीय सूचना मिली कि आरोपी धोरों में फरारी काट रहा था। दो माह तक पीछा करने के बाद धोरों के बीच बने झोंपड़े की घेराबंदी कर दबोच लिया।

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग

शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव

शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव