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बाड़मेर में खुला राजस्थान का पहला रेल रेस्टोरेंट, बना हुआ है रेलवे के कोच के अंदर, एन्ट्री के लिए टिकट की ज़रूरत नहीं

बाड़मेर रेलवे स्टेशन के पास उत्तर पश्चिमी रेलवे जोन के पहले कोच एसी रेस्टोरेंट का सोमवार को डीआरएम गीतिका पांडेय ने शुभारंभ किया।

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बाड़मेर. बाड़मेर रेलवे स्टेशन के पास उत्तर पश्चिमी रेलवे जोन के पहले कोच एसी रेस्टोरेंट का सोमवार को डीआरएम गीतिका पांडेय ने शुभारंभ किया। जोधपुर जोन में यह अपने आप में पहला अनोखा रेस्टोरेंट है, जो पूरा रेलवे के कोच के अंदर बना हुआ है। यह देश का तीसरा व राजस्थान का पहला रेल कोच रेस्टोरेंट है।

देश में रेलवे स्टेशन के बाहर खराब पड़े कोचों को बेच कर रेलवे इसी तरीके के रेस्टोरेंट खोल रहा है। देश के कुछ हिस्सों में इसका आगाज हो गया है। बाड़मेर में सोमवार को इसका विधिवत रूप से आगाज किया गया। रेल रेस्टोरेंट संचालक बादलसिंह दईया ने बताया कि यह रेस्टोरेंट करीब 6 महीने में तैयार हुआ है। रेस्टोरेंट में खाने के दौरान ट्रेन के भीतर होने का एहसास किया जा सकेगा। यह रेस्टोंरेंट दिखने में ट्रेन की तरह है।

बाड़मेर रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में नव स्थापित रेल कोच रेस्टोरेंट का उद्घाटन करने के बाद डीआरएम पांडेय ने कहा कि खड़े रेल डिब्बे में पूरे परिवार के साथ बैठ कर चलती ट्रेन में खाने में लुत्फ देने वाला रेल कोच रेस्टोरेंट इंडियन रेल का एक नवाचार है। इसमें रेलवे की गैर यात्री भाड़ा आय में वृद्धि तो होगी ही। अपितु इससे रेल यात्रियों के साथ-साथ शहरवासियों को भी सुखद अनुभूति होगी। डीआरएम के मुताबिक रेलवे की इस नीति के तहत देश के कई बड़े स्टेशनों पर रेल कोच रेस्टोरेंट थीम पर कार्य शुरू किया गया है।

रेलवे को साढ़े दस लाख का राजस्व
बाड़मेर रेल कोच रेस्टोरेंट से जोधपुर रेल मंडल को हर साल करीब साढ़े दस लाख रुपए का रेवेन्यू मिलेगा। इसमें रेल कोच व उपलब्ध करवाई गई जगह का किराया भी शामिल है। इस वातानुकूलित रेस्टोरेंट में एन्ट्री के लिए रेलवे टिकट की ज़रूरत नहीं होगी। वहीं बिना सफर किए और बिना रेल टिकट के ही रेल कोच में बैठ कर खाने का आनंद ले सकेंगे। रेस्टोरेंट में एक बार में एक साथ 70 से 75 कस्टमर बैठ सकेंगे।

संचालन निजी कंपनी के हाथों में
मण्डल रेल प्रबंधक गीतिका पाण्डेय के अनुसार थीम बेस्ड यह रेल कोच रेस्टोरेंट निजी फर्म संचालित करेगी। इसके लिए उसे रेलवे को निर्धारित किराया देना होगा। रेलवे ने उसे केवल एक कोच उपलब्ध करवाया है और कोच में इंटीरियर सजावट, खानपान तैयार करने और बैठने के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं संचालक की हैं।

इन स्टेशनों का भी है प्रस्ताव
जोधपुर रेल मंडल के जैसलमेर,जोधपुर, महामंदिर व भगत की कोठी रेलवे स्टेशनों पर इस तरह के थीम बेस्ड रेस्टोरेंट खोलने का प्रस्ताव है । जोधपुर और जैसलमेर स्टेशनों के पुनर्विकास प्रक्रियाधीन होने के कारण योजना को अमलीजामा पहनाने में समय लग सकता हैं। इस अवसर पर बाड़मेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतसिंह, सभापति दिलीप माली, जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, जोगेंद्रसिंह चौहान, शिवराज सिंह, भवानीसिंह विदावत, गोरधनसिंह, जयमालसिंह व रेलवे के अधिकारियों सहित जिले के कई व्यक्ति उपस्थित रहे।

ध्वज लगाने के निर्देश
डीआरएम पांडेय ने रेल कोच रेस्टोरेंट के उदघाटन के बाद रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टेशन पर तिरंग ध्वज नहीं होने का कारण पूछते हुए तिरंगा लगाने के निर्देश दिए। साथ ही शहीदों की प्रतिमाओं पर मालाएं लगाने के लिए कहा।

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