
पत्रिका जन एजेंडा 2019-23 : इस जिले के उद्योगों में स्थानीय लोगों को नहीं मिली नौकरी
बाड़मेर. पत्रिका समूह के जन एजेंडा 2018-23 के तहत हर विधानसभा क्षेत्र के लोगों, जन संगठनों और समूहों ने बैठक कर रोड मैप तैयार किया। बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र की बैठक में आमजन ने क्षेत्र के विकास के लिए यह मुद्दे तय किए हैं।
पेयजल की समस्या का समाधान होना चाहिए। शहर, कस्बों और दूरदराज के गांवों में पेजयल की गंभीर समस्या है। कहीं लाइनें खराब हैं तो कहीं पर जीएलआर जर्जर है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंचता है। दबाव की समस्या कई क्षेत्रों में है। इसका समाधान होना चाहिए।
साफ-सफाई नियमित नहीं होती इसमें शहर से लेकर गांव तक शामिल है। इस पर नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। कचरे के लिए डंपिंग स्टेशन बनाने की जरूरत है।
हर जगह कचरा डालने से लोगों की समस्याएं बढ़ जाती है।
शिक्षा के हालात सुधारने के लिए शिक्षकों की यहां स्कूल से लेकर कॉलेज तक जरूरत है। सभी जगह शिक्षक लगें तो यहां के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
अपराध पर लगाम की जरूरत है। शांत क्षेत्र में अपराध बढऩे से आमजन में भय है। अपराध रोकने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। नियमित पुलिस गश्त की जरूरत है।
जिससे लोग भयमुक्त हो सकें।
शहर की सड़कों के साथ विधानसभा क्षेत्र के मार्ग अच्छे होने चाहिए। जिससे आवागमन की सुविधा मिल सके। सड़कों की हालत खराब होने के बाद लंबे समय तक क्षतिग्रस्त नहीं रहनी चाहिए।
कई गांवों और शहरी क्षेत्र में बिजली के वोल्टेज की गंभीर समस्या है। इसके लिए डिस्कॉम को ऐसे क्षेत्रों का चुनाव कर कार्य करने की जरूरत है जिससे लोगों को राहत मिल सके। गर्मी के दिनों में लोग अधिक परेशान रहते हैं।
रिफाइनरी का लाभ बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को भी मिलना चाहिए। जिससे यहां के लोगों का भी विकास हो सके। हालांकि रिफाइनरी जिले में लग रही है, लेकिन फायदा होना चाहिए।
बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन की खूब संभावनाएं हैं। फिर भी अनदेखी की जा रही है। शहर सहित आसपास के पर्यटन स्थलों को विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इससे शहर का विकास होगा। लोगों को भ्रमण के लिए नए स्थान मिलेंगे।
खेलों के विकास पर भी ध्यान देने की जरूरत है। नए स्टेडियम के साथ संसाधनों की भी जरूरत है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। जिससे दूसरे भी प्रेरित हो सकें। विशेषकर महिला खेलकूद को प्रोत्साहन की जरूरत है।
परंपरागत जलस्रोतों की अनदेखी होने से अब यहां पानी आता ही नहीं है। पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण हो गए हैं। इन्हें हटाकर जलस्रोतों की देखरेख की जरूरत है। जिससे लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके।
Updated on:
12 Oct 2018 12:41 pm
Published on:
09 Oct 2018 11:58 pm
