
अनुशंसा आदेश प्रति
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बालोतरा . एक छोटी से अनुशंसा के चक्कर में कई निजी विद्यालयों के आवेदन अटके हुए हैं। आवेदन जमा करवाने के लिए मात्र तीन दिन बचे हैं, लेकिन अधिकारी है कि निजी विद्यालयों संचालकों की समस्याओं को सुन ही नहीं रहे। करना बस इतना है कि भवन निर्माण की अनुशंसा पत्र सार्वजनिक निर्माण विभाग को भेजना है। इस चक्कर में परेशान निजी विद्यालय संचालक चक्करघिनी बन कर घूम रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग के निजी विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पर बालोतरा व क्षेत्र से कई आवेदकों ने प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय संचालन के लिए आवेदन किए। आवेदन पत्र के साथ उन्हें भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना पड़ता है। भवन की जांच बाद सही पाए जाने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग अभियंता प्रमाण पत्र जारी करते हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग मुख्य अभियंता ने 9 नवम्बर 2017 को जांच से पूर्व आवेदकों के किए आवेदन पर जिला शिक्षा विभाग प्रारंम्भिक व माध्यमिक से अनुशंसा करवाने के आदेश जारी किए। इसके बाद पूर्व में शिक्षा विभाग अधिकारियों ने कई आवेदनों पर अनुशंसा की, लेकिन अब वे अनुशंसा नहीं कर रहे हैं। इससे आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। इसके चलते आवेदकों को बालोतरा से बाड़मेर कार्यालय तक कई चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मान्यता पर लटकी तलवार- सार्वजनिक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारी उच्च अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए भवन की जांच कर प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर शिक्षा विभागीय अधिकारी एेसा कोई आदेश नहीं होने की बात कह अनुशंसा नहीं कर रहे हैं। इस पर आवेदक परेशान है। आवेदकों को प्रमाण पत्र के साथ 15 अप्रेल तक ऑनलाइन आवेदन करना है। 14 अप्रेल को अंबेडकर जयंती व 15 को रविवार का अवकाश है। ऐसे में 3 दिन शेष बचे हैं। अनुशंसा व भवन प्रमाण पत्र की मान्यता नहीं मिलने को लेकर आवेदकों पर तलवार लटक गई है। इससे इनकी रातों की नींद उड़ गई है।
नहीं हो रही सुनवाई-
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने भवन जांच से पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी से अनुशंसा करवाने के आदेश जारी कर रखे हैं। शिक्षा विभागीय अधिकारियों को आदेश प्रति भी बताई। उन्होंने पूर्व में कई आवेदनों की अनुशंसा की, लेकिन अब नहीं कर रहे हैं। इससे परेशान हूं।
- राणीदान रावल आवेदक
चक्कर काट कर परेशान- विद्यालय के लिए आवेदन किया है। बाड़मेर के कई चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी अनुशंसा नहीं कर रहे हैं। एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। ऐसे में मान्यता नहीं मिलने को लेकर परेशानी हूं।
अनवर खां आवेदक
मेरे पास कोई नहीं आया- इसके लिए अलग से सेल बना रखा है। मेरे पास कोई नहीं आया।-
गोपालसिंह सोढ़ा, जिला शिक्षा अधिकारी ( प्रारंभिक शिक्षा)
नहीं आया आवेदक- मेरे पास कोई ऐसा आवेदक नहीं आया है। आने पर नियमानुसार अनुशंसा की जाएगी।-
ओमप्रकाश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा)
Published on:
11 Apr 2018 07:21 pm
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