
Rutha monsoon, even sunny in September
बाड़मेर. थार में कम बरसात का असर अब नजर आने लगा है। बरसात की कमी के कारण गर्मी का असर सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में भी कुछ खास कम नहीं हुआ है। अभी तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास चल रहा है।
इस बार मानसून थार से रूठा ही नजर आया। बरसात की झड़ी लगी ही नहीं। जब बरसात हुई तो तापमान कुछ कम हो गया और फिर से बढ़ जाता था। इसका असर अब तक जिले भर में नजर आ रहा है।
पिछले साल टूटा था रिकार्ड
बाड़मेर में औसत से बहुत कम बरसात हुई है। इस साल मानसून की मेहरबानी नहीं रही। जबकि पिछले साल जिले में रिकार्ड तोड़ बरसात होने से सितम्बर में गर्मी जैसी स्थिति नहीं थी। बाड़मेर में औसत बरसात का आंकड़ा 277 मिमी है। लेकिन इस बार अब तक 110 एमएम बारिश ही हुई है। इसके चलते गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है। जबकि पिछले साल बरसात का आंकड़ा 497 एमएम रिकार्ड किया गया था।
विभाग ने जताई आशंका
प्रदेश के कई जिलों में डेई तूफान के असर से बरसात की झड़ी लगी है। कई स्थानों पर तेज हवा के चलते तापमान काफी कम हो गया है। लेकिन थार में तूफान का कोई असर नहीं है। इसके चलते यहां सितम्बर में भी मई-जून जैसी गर्मी के हालात हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में तापमान 40 डिग्री से अधिक होने की आशंका जताई है। इससे गर्मी का असर और बढ़ जाएगा।
सर्वाधिक तापमान इस साल
पिछले पांच साल में 24 सितम्बर को ही देख लें तो सबसे अधिक तापमान इस साल दर्ज हुआ है। हालांकि थार में बरसात की कमी ही रहती है। लेकिन इस बार काफी कमी के कारण गर्मी का सितम अभी तक बरकरार है। विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि बरसात की कमी के कारण ही गर्मी का असर सितम्बर तक जारी है।
तालाब-नाडियां सूखने के कगार पर
बरसात की कमी का असर सर्वाधिक ग्रामीण क्षेत्र पर हुआ है। तालाब और नाडियां सूखने के कगार पर हैं। जहां पर कुछ पानी है, वह पीने के लायक नहीं बचा है। पशुओं को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं फसलों को किसान समटने में लगे हैं।
24 सितम्बर को पिछले पांच साल में तापमान
2014-35.5
2015-33.6
2016-38.9
2017-36.2
2018-39.3
Published on:
25 Sept 2018 12:01 pm
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