
God even gives relief to devotees
अरणियाली (धोरीमन्ना).अरणियाली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जैसे ही कंस की जेल में कृष्ण ने जन्म लिया, सारा पांडाल जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक विनोद सारस्वत ने जेल में जन्म लियो प्रभुजी थाने, जेल में जन्म लियो... भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु झूमने लगे। कृष्ण जन्म पर पुष्प वर्षा की गई और थाली बजा आतिशबाजी की गई। इससे पहले कथा वाचक ने कहा कि दानवेंद्र राजा बलि ने भगवान को अपना द्वारपाल बनाकर रखा तो लक्ष्मी ने राजा बलि को भाई बनाया। उसके राज्य में चारों ओर धन-दौलत, सुख-समृद्धि का साम्राज्य व्याप्त हो गया। इसी प्रकार यदि हम नारायण की सेवा में रहते हुए न्याय, सत्य व सद्मार्ग पर चलेंगे तो यह निश्चय मानिए कि हमारा घर-परिवार भी फलेगा-फूलेगा। घर में हमेशा सुख-शांति और लक्ष्मी का बास होगा। कथा में गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मन्थन, भागीरथ की ओर से धरती पर गंगा अवतरण व राम कथा के कुछ प्रसंग सुनाए। कृष्ण लीला की झांकियां निकाली गई। इस मौके गोरधन विश्नोई, भैराराम खोथ, भैराराम हुड्डा, खूमाराम सेवदा, श्रवण भूतड़ा, बाबूलाल सैन, मुकेश सोनी आदि मौजूद थे।
शिव.उपखंड मुख्यालय पर श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक रवि कृष्ण कौशिक महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं का वर्णन किया। इस दौरान पूरा पांडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के स्वागत में पुष्प वर्षा की। उन्होंने कहा कि जिसका मन मक्खन की तरह होता है, उसका मन कन्हैया चुरा लेता है। उन्होंने श्रीकृष्ण के विभिन्न अवतारों व बाल लीलाओं के प्रसंग सुनाए। इस पर श्रद्धालु झूम उठे। उन्होंने समुद्र मंथन, कृष्ण जन्म, गोवर्धन पूजा, पूतना का उद्धार, शंकटासुर का वध, कालिया मर्दन और यशोदा को सारे ब्रह्मांड के मुख में दर्शन कराने के प्रसंग बताए। बुधवार को कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कस्बे सहित आस-पास के गांवों से श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
Published on:
15 Mar 2018 11:36 am
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