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बाड़मेर. बाड़मेर शहर को सिणधरी से जोडऩे वाली सड़क को फोरलेन बनाने के लिए डिजाइन का इंतजार किया जा रहा है। बाड़मेर से जालोर तक बन रहे स्टेट हाईवे में पांच किमी मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना है। लेकिन डिजाइन के फेर में सड़क मार्ग विभाग की फाइलों में फंस गया है। अब यह सड़क शहर से आने वाले गंदे पानी का नाला बन गई है। इसके चलते यहां से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
पिछले तीन साल से सड़क की हालात खराब है। सड़क का जैसे कोई धणी-धोरी ही नहीं है। लम्बे समय से क्षतिग्रस्त मार्ग के कारण यहां से निकलने वाले राहगीरों व वाहन चालकों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं इस मार्ग पर रहने वाले लोगों के लिए सड़क नासूर बन गई है।
बरसात के बाद बन गई नाला
शहर में पिछले दिनों आई बरसात के बाद इस मार्ग पर लगातार गंदा पानी बह रहा है। पूर्व में यहां पर सड़क बनाने के लिए डाली गई कंक्रीट व गंदा पानी वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गया है। सड़क से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई चालकों के साथ दुर्घटनाएं भी हो चुकी है।
कहीं नहीं रोड लाइट
क्षतिग्रस्त मार्ग और बहते गंदे पानी के बीच रात को निकलने वाले वाहनों के साथ दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। शहर से जुड़े होने के बावजूद मार्ग पर कहीं भी रोड लाइट नहीं हैं। इसके चलते हादसे का साया हमेशा मंडराता रहता है।
बरसात में बन जाती है दरिया
यह मार्ग बरसात के समय तो दरिया बन जाता है। यहां से राहगीरों व वाहनों का निकलना किसी खतरे से कम नहीं होता है। पिछले साल भी यहां बरसात के सीजन में पूरे समय पानी बहा था। उस वक्त नगर परिषद ने यहां खुदाई कर पत्थरों के नीचे दबा नाला निकाला था। लेकिन पुन: सुध नहीं लेने के कारण नाला बंद हो चुका है और इस बार फिर गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इसके चलते यहां रहने वाले वाशिंदों की परेशानियां बढ़ गई है।
Published on:
04 Jul 2018 09:12 pm
