12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूर्णिमा पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, किए दर्शन पूजन

शहर, क्षेत्र में मंगलवार को पूर्णिमा पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया

2 min read
Google source verification
पूर्णिमा पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, किए दर्शन पूजन

पूर्णिमा पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, किए दर्शन पूजन

बालोतरा.
शहर, क्षेत्र में मंगलवार को पूर्णिमा पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पंच तीर्थों व देवालयों में दर्शन पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इस पर मेला सा माहौल नजर आया।

शहर व क्षेत्र में पूर्णिमा पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। शहर के हनवंत धर्मशाला के आगे से मंगलवार ब्रह्ममुहूर्त में अग्रवाल पैदल संघ के तत्वावधान में 400 श्रद्धालुओं का पैदल जत्था खेड़ दर्शन के लिए रवाना हुआ। मार्ग में सन्त हरिदास नगर कमेटी, अग्रवाल संस्कार ग्रुप ने स्वागत किया। मंदिर पहुंचने पर अग्रवाल महिला मंडल सदस्यों पुष्प वर्षा से स्वागत किया। ट्रस्ट मंडल प्रवक्ता दौलत आर प्रजापत ने बताया कि भगवान रणछोड़ राय की आदमकद प्रतिमा का विशेष शृंगार कर आरती उतारी गई। लाभार्थी सुरेश कुमार ,आनंद कुमार, कैलाश कुमार बंसल परिवार बाड़मेर ने गाजे बाजे से मंदिर शिखर पर ध्वजा चढ़ाई। पुजारी हीरालाल दव, लाभ शंकर अवस्थी ने भोग आरती कर प्रसादी चढ़ाई खेड़ तीर्थ ट्रस्ट सचिव महेंद्र अग्रवाल, अयोध्या प्रसाद गोयल, राधेश्याम सराफ, महेश सिंघल, राजेन्द्र जिंदल, भगवानदास गोयल, महेंद्र बंजारी आदि ने सेवाएं दी। माता राणी भटियाणी मंदिर जसोल, नाकोड़ा तीर्थ, ब्रह्मधाम आसोतरा, बाबा रामदेव मंदिर बिठूजाधाम, भगवती बाई आश्रम पचपदरा में दर्शन पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। दर्शन पूजन कर व प्रसाद चढ़ा परिवार में खुशहाली की कामना की। दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही पर तीर्थों पर मेला सा माहौल नजर आया।
समदड़ी पत्रिका

भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को बालाजी गो सेवा संस्थान बजरंग वाटिका समदड़ी में लाभार्थी हरिश कुमार, मुकेश कुमार पुत्र दीपा राम माली करमावास वालों की ओर से सवा क्विंटल बाट की लापसी बनाकर गोशाला गायों व कस्बे में घूम रहे पशुओं को खिलाई गई। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार त्रिवेदी, पारस मिस्त्री, आदि ने सेवाएं दी।गौरतलब है कि पूर्णिमा का पश्चिमी राजस्थान में विशेष महत्व है। शुक्ल पक्ष के आखिरी सप्ताह में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मेले लगते हैं। पूर्णिमा को उपवास के साथ लोग मंदिरों में दर्शनार्थ आते हैं।