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परशुराम के जीवन का एकमात्र ध्येय था,मातृभूमि की सेवा करना

परशुराम जयंती महोत्सव व स्नेह मिलन समारोह

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समदड़ी में आयोजित परशुराम जयंती कार्यक्रम में उपस्थित लोग।

समदड़ी में आयोजित परशुराम जयंती कार्यक्रम में उपस्थित लोग।

समदड़ी. अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में रविवार को स्थानीय श्रीमाली न्याति भवन ब्रह्मपुरी में परशुराम जयंती महोत्सव व स्नेह मिलन समारोह चिकित्सा विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. गोपीकिशन व्यास की अध्यक्षता, पंचवटी आश्रम समदड़ी के गादीपति स्वामी कृष्णानन्दपुरी एवं महंत निर्मलदास के सान्निध्य में आयोजित किया गया।

इस मौके पर महंत निर्मल दास ने कहा कि परशुराम ने समाज हित के कार्य किए। उन्होंने संतों व हिन्दू समाज के लिए आसुरी शक्तियों संहार करने का काम किया। इससे यह सीख भी मिलती है कि बुराई भले ही कितनी बड़ी हो अंत में अच्छाई की ही जीत होती है। इसलिए आज के दौर में भी हम सबको मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे समाज में फैली कुरीतिया दूर हो सकें।
मुख्य वक्ता पंडित प्रशांत व्यास ने कहा कि परशुराम ने अन्याय के विरुद्ध शस्त्र उठाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव समाज को अन्याय का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। सभी को एकजुट रहना है।

ब्राह्मण समाज युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव किशोर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि ब्राह्मण का कार्य समाज को दिशा देना है। वर्तमान समय में बिखरते समाज को एकजुट करना है।
कांग्रेस कमेठी के जि़ला सचिव मुकऩ सिंह राजपूरोहित ने कहा कि परशुराम के जीवन का एकमात्र ध्येय था,मातृभूमि का सेवा करना।

जि़ला परिषद सदस्य विजयलक्ष्मी राजपुरोहित ने कहा कि समाज के लोग परशुराम के जीवन से भी प्रेरणा लें, जिन्होंने अपना जीवन दूसरों के लिए बिता दिया। हर घर में परशुराम की प्रतिमा होनी चाहिए, जिससेकि उनसे शिक्षा मिले । ब्राह्मण महासभा के जिला उपाध्यक्ष चंदनसिंह राजपुरोहित व पंडित अन्नु महाराज ने भी भगवान परशुराम की जीवनी पर प्रकाश डाला। अंत में परशुराम की आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। मंच संचालन प्रदीप व्यास ने किया। ब्राह्मण महासभा युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अरुण व्यास ने आभार जताया। निसं.

समदड़ी में आयोजित परशुराम जयंती कार्यक्रम में उपस्थित लोग।