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भागवत कथा सुनने का जो सुख मिलता है वह स्वर्ग लोक में भी नहीं मिलता

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The pleasure that comes from hearing the story does not get in heaven

The pleasure that comes from hearing the story does not get in heaven

पुरुषार्थी व परोपकारी बनने का करें प्रयास
हड़वेचा में भागवत कथा का आयोजन
शिव . मनुष्य लोक में भागवत कथा सुनने का जो सुख मिलता है वह स्वर्ग लोक में भी नहीं मिलता। भाग्यशाली होना अलग बात है और पुरुषार्थी होना अलग बात है। इस जन्म में किया अच्छा कार्य अगले जन्म में काम आएगा। यहीं पुरुषार्थ है पूर्व जन्म का फल अभी चल रहा है यह कब समाप्त होगा किसी को पता नहीं। इसलिए मनुष्य को पुण्य कर्म सदैव करते रहना चाहिए।
यह बात कथा वाचक राजेंद्रकृष्ण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को निकटवर्ती हड़वेचा में कहीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को पुरुषार्थी व परोपकारी बनने का प्रयास करना चाहिए। इससे जो भाग्य में है वह और बढ़ जाए। घर को नारायण मय बनाएं ताकि लक्ष्मी का वास हो। उन्होंने कलयुग को कलह का युग बताया आज बेटा मां-बाप के प्रति अपना कर्तव्य भूलने लगा है। पत्नी व पति अग्नि के समक्ष दिए वचन भूल रहे हैं। इससे बचने का एकमात्र उपाय है हरि नाम संकीर्तन। कथावाचक ने राजा परीक्षित व सुखदेव का वृतांत भी सुनाया।

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एटीएम में नकदी का अभाव, छुट्टी के दिन ग्रामीण परेशान
शिव . उपखंड मुख्यालय स्थित विभिन्न एटीएम में नकदी नहीं मिलने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बे में लगे एसबीआई के एटीएम में कुछ वर्ष पूर्व तोडफ़ोड़ के बाद यह एटीएम बैंक शाखा बंद होने के साथ ही बंद हो जाता है तथा छुट्टी के दौरान भी बंद ही रहता है। ऐसे में यहंा गांव से आने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के दो एटीएम लगे हुए हैं। एक एटीएम बैंक शाखा के पास तथा दूसरा गडरा सर्कल के पास लगा है। इसमें भी अधिकांश समय नकदी का अभाव रहता है। बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम भी शाखा के साथ ही बंद हो जाता है। दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने कुछ माह पूर्व बैंक शाखा के पास एटीएम कक्ष बनवाने के साथ मशीन भी लगवा दी, लेकिन अभी चालू नहीं होने से सुविधा नहीं मिल रही।
दमकल के अभाव में हर वर्ष दर्जनों परिवार होते हैं बेघर
सिवाना ञ्च पत्रिका . उपखंड मुख्यालय सिवाना में दमकल का अभाव कस्बे सिवाना व क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों के लिए परेशानी बना हुआ है। कस्बे व क्षेत्र में आग की घटना पर बालोतरा से कई घंटों बाद दमकल पहुंचती है, तब तक सबकुछ जल कर स्वाह हो जाता है। लंबे समय से दमकल की सुविधा की जरूरत के बावजूद सरकार के इसे उपलब्ध नहीं करवाने पर आमजन में रोष है।

सिवाना व क्षेत्र में घटित आगजनी की घटना पर बालोतरा से दमकल पहुंचती है। बालोतरा से सिवाना की दूरी 35 किलोमीटर व क्षेत्र के गांवों की दूरी 65- 80 किलोमीटर से अधिक होने, ग्रामीण मार्गों के खस्ताहाल होने पर कई घंटे देरी से दमकल पहुंचती है। इस पर इसके पहुंचने से पूर्वही सब कुछ जल कर नष्ट हो जाता है। क्षेत्र में हर वर्ष आग की घटनाओं व दमकल के अभाव में दर्जनों परिवार बेघर हो जाते हैं। इससे उन्हें लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। इस पर पिछले कई वर्षों से सिवाना में दमकल सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही है। कस्बे व क्षेत्रवासी दमकल की मांग कर रहे हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि आज दिन तक जनप्रतिनिधि सिर्फ ग्रामीणों को झूठे आश्वासन ही देते रहे। इससे कस्बे व क्षेत्र वासियों में भारी रोष है।


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