
बाड़मेर में 21 मार्च से होगी नहरबंदी, 60 दिनों तक नहीं मिलेगा पानी
राजस्थान में नहरबंदी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। अभियंता अलर्ट मोड पर है। जलस्रोतों को भरने का काम शुरू कर दिया है। जिससे नहरबंदी के दौरान जलापूर्ति को सुचारू रखा जा सके। जो नहरें वरीयता से चल रही हैं वहां से अतिरिक्त पानी लेकर जलस्त्रोत भरे जा रहे है। विभिन्न स्थानों पर पानी के स्टोरेज के निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा जा रहा है। बाड़मेर में नहरबंदी 21 मार्च से शुरू होगी, जो अगले दो महीने तक चलेगी।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता विपिन जैन ने मंगलवार को परियोजना और नियमित खण्ड के अधिकारियों के साथ जैसलमेर के मोहनगढ़ हैडवक्र्स, भागू का गांव प्रोजेक्ट के पम्प हाउस, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के शुरुआती छोर की विजि़ट कर व्यवस्थाओं को जांचा। जैन ने बताया कि इंदिरा गांधी नहर क्लोजर के दौरान जलापूर्ति को बरकरार रखने के लिए जलदाय विभाग अपने विभिन्न स्टोरेज और स्रोतों में पानी एकत्रित कर रहा है। यहां से बाड़मेर में जलापूर्ति की जा सकती है। इसके अलावा मुख्य नहर के किनारे बनी डिग्गी को भी पूरा भरा जाएगा। वहीं मुख्य नहर में भी पानी को रोक कर रखा जाएगा। इस पानी को सही तरीके से काम में लेकर क्लोजर की अवधि के दौरान उपयोग किया जाएगा।
पीने के पानी के लिए संरक्षित स्रोतों से ही काम चलेगा
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता के साथ विभाग बाड़मेर खण्ड के अधिशासी अभियंता महेश शर्मा, मोहनगढ़ के अधिशासी अभियंता और मोहनगढ़ संधारण कम्पनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि नहरबंदी खत्म होने तक पीने के पानी के लिए संरक्षित स्रोतों से ही काम चलेगा। बाड़मेर-जैसलमेर समेत जिलों ने समय पर पानी एकत्र नहरबंदी के दौरान होने वाली दिक्कत को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
कितने जिलों को मिलता है नहरी पानी
चार जिलों में केवल पीने के लिए
-झुंझुंनू, सीकर, नागौर व बाड़मेर
कृषि के लिए भी
-गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, चूरू व जैसलमेर
Published on:
27 Feb 2024 09:44 pm
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
