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पढ़ाई में अव्वल थी बेटियां, स्कूल की टॉपर थी संतोष…एक ही आंगन से उठी छह अर्थियां

- अन्य तीनों बहिनें अपनी कक्षाओं में टॉप टेन में शुमार रही - पीहर पक्ष ने सामूहिक आत्महत्या की दी पुलिस को रिपोर्ट- शिक्षक पति की झगड़ालू प्रवृति को हर कोई कोस रहा
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topper in studies was daughters, topper of school was contentment

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चौहटन (बाड़मेर). (Suicide in chohtan barmer ) तीन साल की हेमलता को छोड़कर शेष चारों बेटियां मदर टेरेसा ब्रिलियंट एकेडमी की छात्राएं थीं। सबसे बड़ी बेटी संतोष ने इसी वर्ष आठवीं बोर्ड परीक्षा (Eighth board examination) में ए- प्लस ग्रेड प्राप्त कर 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पूरे विद्यालय में टॉपर (topper) थी। वहीं ममता ने सातवीं, मैना ने चौथी और हंसा ने दूसरी कक्षा श्रेष्ठ अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। विद्यालय प्रबन्ध निदेशक तोगाराम सारण के अनुसार संतोष विद्यालय की टॉपर थी वहीं अन्य तीनों बहिनें अपनी कक्षाओं में टॉप टेन में शुमार रही हैं। चारों बेटियां घर से पच्चीस किमी दूर से रोजाना स्कूल बस से आती-जाती थी।

चौहटन (बाड़मेर).(Suicide in chohtan ) पांच बेटियों सहित मां के टांके में कूदकर आत्महत्या के बुधवार के कलेजा कंपाने वाले मामले में पति-पत्नी के झगड़े की बात सामने आ रही है। साथ ही शिक्षक पति की अपने पिता से भी चार दिन पहले अनबन हुई थी। चार दिन पहले पति ड्युटी पर चला गया। सास को दवा देकर सुला दिया और फिर गुस्साई महिला ने पांचों बेटियों को टांके में फेंककर खुद भी आत्महत्या कर ली है। पुलिस को भी अभी गुत्थी समझ नहीं आ रही है और पीहर-ससुराल दोनों पक्ष से कोई अभी तक आरोप नहीं लगा रहा है। पीहर पक्ष ने सामूहिक आत्महत्या की रिपोर्ट पुलिस को दी है।

चौहटन के बावड़ी कला गांव की मृतका बन्नूदेवी सहित पांचों बेटियों का गुरुवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपुर्द किए। बन्नूदेवी के पिता वीरमाराम पुत्र हरदानराज जाट निवासी धन्नानियों का तला श्रीराम वाला ने सामूहिक आत्महत्या की रिपोर्ट पुलिस को दी है। पुलिस उप अधीक्षक अजीतसिंह ने बताया कि पुख्ता वजह अभी पता नहीं चली है, घरेलू कलह का अंदेशा है।

शव पहुंचते ही मचा कोहराम -

शिक्षक राणाराम के घर जब उसकी पत्नी और पांच बेटियों के शव पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था, यहां हर कोई भीगी पलकों से परिजनों को सांत्वना के प्रयासों में लगा था। छह अर्थियां ट्रेक्टर में एक साथ डाली गई तो महिलाएं सुध-बुध खो बैठी और जब सभी को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ तो हर किसी की आंखों में आंसू थे।

एक ही आंगन से उठी छह अर्थियां -

हंसते खेलते परिवार के आंगन से गुरुवार दोपहर एक साथ छह अर्थियां उठी तो समूचा वातावरण गमगीन हो गया, इस दौरान परिजनों सहित ग्रामीणों की आंखों से छलकते आंसू इस दर्दनाक हादसे की कहानी खुद ब खुद बयां कर रहे थे, यहां उपस्थित कोई भी व्यक्ति अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहा था।
पति-पत्नी का झगड़ा कई सालों से -शिक्षक पति की कलह पत्नी के साथ भी होती रही है, कुछ साल पहले ऐसी ही कलह के चलते बन्नुदेवी तीन साल तक अपने मायके में रहने को मजबूर हो गई थी। कुछ दिन पहले घर में पिता-पुत्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने के चलते राणाराम का पिता यह घर छोड़कर बड़े बेटे की ढाणी में रहने चला गया।

राणाराम की झगड़ालू प्रवृति -

ग्रामीणों और रिश्तेदारों के अनुसार बन्नुदेवी के शिक्षक पति राणाराम का दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं था, छोटी छोटी बात पर उखडऩा, चिड़चिड़ापन और अवसादग्रस्त होने जैसे बर्ताव करना उसकी आदत बन गई थी, जानकारों के अनुसार वह इसके लिए दवा भी लेता है।

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी -

घटना को लेकर कोई खास वजह अभी तक सामने नहीं आई है, प्रारंभिक तौर पर घरेलू कलह का अंदेशा है। इस इलाके में बढ़ती ऐसी घटनाओं को लेकर बड़े स्तर पर सामाजिक कांउसलिंग की जरूरत है। मृतका के पिता ने मर्ग दर्ज करवाकर आत्महत्या की रिपोर्ट दी है, जांच अनुसंधान के बाद ही खुलासा हो सकेगा।

- अजीतसिंह, पुलिस उप अधीक्षक चौहटन