
Two deaths due to fever, swine flu feared
चौहटन. क्षेत्र में दो जनों की मौत ने स्वाइन फ्लू की आशंका से लोगों को आशंकित कर दिया है। राजीवनगर के एक युवक तथा बीजराड़ में एक महिला की बुखार के बाद मौत होने से लोग स्वाइन फ्लू की आशंका जता रहे हैं। जानकारी के मुताबिक राजीव नगर निवासी देवाराम (40) को चार दिन पहले बुखार आया तो उसने स्थानीय स्तर पर इलाज करवाया। तबीयत नहीं सुधरने पर वह बुधवार को धानेरा चला गया। धानेरा के चिकित्सकों ने उसे डीसा भेजा, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं बीजराड़ के सुकालिया गांव निवासी उगमकंवर (40 ) को बुखार की शिकायत होने पर गुरुवार को परिजन उसे बाड़मेर राजकीय जिला अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद उसे जोधपुर रैफर किया। जोधपुर में इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। दोनों मामलों में बुखार और सर्दी-जुकाम के बाद मौत पर लोग स्वाइन फ्लू की आशंका जता रहे हैं।
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उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत तरीके अपनाने की आवश्यकता
गुड़ामालानी. बीजीय मसाला फसलों के उत्पादन में भारत विश्व में प्रथम स्थान रखता है। देश में मुख्य रूप से 20 बीजीय मसाला फसलें उगाई जाती है, जिसमें जीरा मुख्य है। जीरे की बुवाई नवम्बर में की जाती है। जिले में जीरा की लगभग 1,25,000 हैक्टेयर में बुवाई होती है, लेकिन प्रति हैक्टेयर उत्पादन अभी भी काफी कम है, जिसको बढ़ाने की आवश्यकता है।
इसके लिए जीरे की उन्नत किस्म के बीज के साथ-साथ नवीन तकनीक अपनाने की आवश्यकता है। उक्त उद्गार कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी के डॉ. हरिदयाल चौधरी ने वेदान्ता व कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी के संयुक्त तत्वावधान में देवड़ों की ढाणी में आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि जिले से विभिन्न कंपनियां जीरे की खरीद कर रही है, लेकिन मानक मापदंड से ज्यादा कीटनाशी पाए जाने पर खरीद कम हो रही है।
डॉ. चौधरी ने बगीचे लगाने की विधि, बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति, बगीचे लगाने का समय व उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में देवड़ों की ढ़ाणी के आसपास के किसानों ने भाग लिया। कलस्टर कॉर्डिनेटर दीपाराम परिहार ने बताया कि आगामी पांच दिन तक अलग-अलग गांवों में प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। लक्ष्मण गुर्जर ने भी विचार व्यक्त किए।
Updated on:
28 Dec 2018 12:44 pm
Published on:
28 Dec 2018 12:04 pm
