
UIT could not get out of entertainment center
बाड़मेर. बाड़मेर जिला मुख्यालय पर शहर का विकास व विस्तार सुनिश्वित करने के लिए नगर सुधार न्यास यूआईटी की स्थापना तो छह साल पहले हुई है। लेकिन यूआईटी अभी तक अपना खुद का कार्यालय तक नहीं बना पाई है। ऐसे में शहरवासियों की उम्मीदों पर पानी फिरा हुआ नजर आ रहा है।
बाड़मेर में नगर विकास न्यास बोर्ड का गठन मार्च 2013 में हुआ था। इसके बाद अप्रेल 2013 को न्यास बोर्ड में शामिल गांवों की अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इसके बाद तीन साल बाद जनवरी 2016 में अध्यक्ष की नियुक्ति कर बाड़मेर में मास्टर प्लान के तहत दुबई की तर्ज पर विकास करवाने का दावा किया गया।
लेकिन छह साल बीतने के बावजूद भी यूआइटी के पास खुद का भवन भी नहीं है। यहां मनोरंजन केन्द्र में यूआइटी कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। यूआईटी अध्यक्ष नियुक्ति के एक साल बाद स्थाई सचिव भी मिल गया। लेकिन कागजों में दिखाए गए सपने छह साल बाद भी अधूरे है। हालांकि कार्यालय के लिए जमीन का आवंटन कर दिया है। लेकिन कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
कागजों में दिखाए सपने धरे रहे
यूआईटी घोषणा के छह साल बीत गए है, और सरकार भी बदल गई है, लेकिन यूआईटी के पास ऐसा कोई कार्य नहीं किया है, जिसे बता सके। यहां गडरारोड पर 124 बीघा जमीन पर प्रस्तावित कॉलोनी कागजों में अटकी है।
बेटी गौरव उद्यान का सपना रहा अधूरा
सरकार की योजना अनुरूप यूआइटी को उत्तरलाई के पास बेटी गौरव उद्यान बनाने के प्रोजेक्ट को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन दो साल बाद भी कुछ नहीं हो पाया है।
23 गांव है यूआईटी में शामिल
बाड़मेर शहर, बाड़मेर आगोर, बाड़मेर गादान, बाड़मेर मगरा, लालाणियों की ढाणी, वीदासर बाड़मेर आदर्श आगोर, उदय नगर, लंगेरा, महाबार, शिवकर, गेंहू, सोमाणियों की ढाणी, जालीपा, हापों की ढाणी, कुड़ला, सांसियों का तला, चकालाणी, उत्तरलाई, बेरीवाला गांव, डीगड़ा, आदर्श महाबार सहित 23 गांवों को शामिल किया था।
- 7 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए है,
यूआईटी क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए 7 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए है। अन्य विकास को लेकर लगातार प्रयास कर रहे है। कार्यालय का भी काम जल्द शुरू करेंगे। - चैनाराम चौधरी, सचिव, नगर सुधार न्यास बाड़मेर
Published on:
29 Dec 2018 08:52 pm
