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लडख़ड़ाई पेयजल आपूर्ति, पेयजल संकट

राहत को तरस रहे लोग
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लडख़ड़ाई पेयजल आपूर्ति, पेयजल संकट

लडख़ड़ाई पेयजल आपूर्ति, पेयजल संकट

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सिवाना.
कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों में लडख़ड़ाई पेयजल आपूर्ति से ग्रामीण राहत को तरस गए है। सप्ताह अंतराल में नाममात्र समय के लिए जलापूर्ति करने से पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं हो रहा। एेसे में लोग टैंकरों से जलापूर्ति कर जरूरत पूरी कर रहे हैं।

कस्बे के विभिन्न वार्डों में सात से आठ दिन के अंतरराल में जलापूर्ति की जा रही है। नाममात्र समय के लिए की जाने वाली जलापूर्ति पर पेयजल संकट की स्थिति हो गई है। इस पर ग्रामीण मोल महंगा पानी खरीदकर प्यास बुझाने को मजबूर है। महंगे पानी से गरीब परिवारों की हालत खस्ता है। परेशान ग्रामीण जलदाय विभाग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी इन्हें कोई संतोषप्रद जबाब नहीं दे रहे हैं।

गर्मी शुरू होते ही परेशानी- मार्च में गर्मी ने दस्तक दी है। इसके बाद पेयजल की मांग बढ़ गई है तो दूसरी ओर जलदाय विभाग की पेयजल व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। एेसे में लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

लिफ्ट में क्लोजर और अधूरा काम- कहने को तो सिवाना क्षेत्र की पेयजल समस्या को लेकर पोकरण-फलसूंड-बालोतरा-सिवाना पेयजल परियोजना है, लेकिन इसका काम भी अधूरा ही है। अभी भी सिवाना क्षेत्र में पाइप लाइन नहीं बिछाने से काफी गांवों तक पानी पहुंचा नहीं है। वहीं वर्तमान में लिफ्ट में एक माह का क्लोजर चल रहा है, जिससे भी जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।

राहत की दरकार- जिले में इस बार अकाल की स्थिति है। एेसे में अभावग्रस्त गांवों में पानी को लेकर प्रशासन टैंकरों से जलापूर्ति करवाता है। इस बार अप्रेल का प्रथम सप्ताह बीच चुका है, लेकिन इस बार टैंकरों से भी जलापूर्तिशुरू नहीं की गई है। एेसे में पेयजल संकट का हल नहीं हो रहा। निसं

कस्बे में जलापूर्ति लड़खड़ाई-
कस्बे में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था लडख़ड़ाई हुई है। पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से पेयजल संकट की स्थिति है, लेकिेन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विभाग व्यवस्था सुधारें। -

.पुखराज ग्रामीण
पांच-दिन के अंतराल से जलापूर्ति- कस्बे में पांच -सात दिन अंतराल में जलापूर्ति की जा रही है। इस पर 500 से 700 रुपए टैंकर के चुकाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। गरीब परिवारों की हालत खस्ताहा है।-

.नंदकिशोर सोनी