
वायरल बुखार के पीडि़तों की कतारें, हर पर्ची पर लिखी जा रही पैरासिटामोल
बाड़मेर. मानसून सीजन के बाद वायरल फीवर के मरीज अचानक बढ़ गए हैं। ओपीडी में आने वाले 10 में से 9 मरीज वायरल से पीडि़त है। इसके कारण पैरासिटामोल की खपत भी लगातार बढ़ती जा रही है। निशुल्क दवा केंद्रों पर तथा बाहर मेडिकल स्टोर की दुकानों पर पर भी पिछले 20-25 दिनों में पीसीएम की बिक्री बढ़ी है।
कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से ही दवा की बिक्री में गिरावट आई थी। इसमें पैरासिटामोल सबसे कम बिकी थी। जबकि पीसीएम ऐसी दवा है जो काउंटर सैल होती है। लेकिन नियमों के चलते बिना पर्ची के पीसीएम पर रोक के कारण पैरासिटामोल की बिक्री में काफी गिरावट आई। अब मानसून के बाद अचानक वायरल फीवर के बढ़ते मामलों के चलते पैरासिटामोल की बिक्री बढ़ी है।
अस्पताल में आने वाले अधिकांश वायरल पीडि़त
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीज वायरल से पीडि़त सामने आ रहे हैं। मरीजों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं देखा जाए तो इसमें वायरल पीडि़त ही सबसे ज्यादा है। इसलिए पैरासिटामोल की खपत बढ़ती जा रही है। चिकित्सक भी पर्ची पर पैरासिटामोल ही लिखते हैं। ऐसे में निशुल्क दवा केंद्रों पर भी पीसीएम की खपत बढ़ी है।
पिछले 25 दिनों से बढ़ी बिक्री
दवा दुकानदारों का कहना है कि पिछले 25 दिनों से पैरासिटामोल की बिक्री बढ़ी है। इससे पहले इसकी बिक्री काफी कम थी। अभी पीसीएम-650 बुखार के मरीजों को ज्यादा लिखी जा रही है। वैसे मार्च से कोरोना महामारी के बाद से पीसीएम का स्टॉक दुकानों में काफी जमा हो रहा था। लेकिन अब बिक्री बढऩे पर ऑर्डर देने पड़ रहे हैं।
वायरल के ज्यादा आ रहे मरीज
ओपीडी में पिछले कुछ समय से वायरल पीडि़त मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
डॉ. थानसिंह, राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल बाड़मेर
पीसीएम की बिक्री बढ़ी है
पैरासिटामोल की बिक्री पिछले कुछ समय से बढ़ी है। जबकि इससे पहले पीसीएम की बिक्री काफी कम हो रही थी। बुखार के मरीज बढऩे के कारण इसकी सैल ज्यादा हुई है।
अरविंद शारदा, दवा विक्रेता बाड़मेर
Updated on:
24 Sept 2020 09:34 pm
Published on:
24 Sept 2020 09:34 pm
