
पहले स्वीकृति का इंतजार तो अब सड़क बनने का
बालोतरा. शहर के वार्ड 26 के बाशिंदे पिछले पांच साल पहले सड़क नहीं होने पर परेशान थे। इसके बाद सड़क बनी लेकिन करीब डेढ़ साल पहले इसका कुछ हिस्सा जर्जर हो गया। इसके बाद नगरपरिषद ने सुध ली और सड़क निर्माण की स्वीकृति दी, लेकिन संबंधित ठेेकेदार ने काय्र आरम्भ ही नहीं किया, इस पर वाहन हिचकोले खा रहे हैं और राहगीर अव्यवस्थाओं को कोस रहे हैं।
नगर के लूनी नदी के दूसरे किनारे स्थित वार्ड संख्या 26 शहर का बाहरी भाग है। यहां कई दशकों से बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं। इनकी वर्षों की मांग पर पांच वर्ष पूर्व नगर परिषद बोर्ड ने पहली बार यहां सड़क बनाई थी। इससे परेशान रहवासियोंं ने बड़ी राहत महसूस की थी, लेकिन पिछले डेढ़-दो वर्ष से यह सड़क पूरी उधड़ गई है। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे़ व बिखरी कंक्रीट पर आवागमन में हर दिन लोग परेशानी उठाते हैं। कंक्रीट के ऊपर से गुजरने पर वाहन रपटते हैं। इससे चालक व सवार चोटिल होते हैं। परेशान वार्डवासी नगर परिषद को समस्या से अवगत करवाकर सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं। खास बात यह कि इस खस्ताहाल सड़क के निर्माण की स्वीकृति भी जारी की गई है, लेकिन ठेकेदार कार्य शुरू नहीं कर रहा है। इस पर रहवासियों को आज भी आवागमन में पहले की तरह परेशानियां उठानी पड़ती है। नगर परिषद के निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाने पर ग्रामीणों में रोष है।
इधर,हाईवे निर्माण का विरोध, प्रशासन ने रुकवाया काम
- ग्रामीणों की मांग- रामदेव मंदिर से दस फीट छोड़ बनाए हाईवे, नहीं बनी सहमति
रमणिया. गांव में बन रहे हाईवे निर्माण को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने विरोध जताया। उन्होंने हाइवे के पास स्थित रामदेव मंदिर से दस फीट दूरी से निर्माण कार्य करवाने की मांग करते हुए विरोध किया। इस दौरान
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन सहमति नहीं बनी।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए काम रुकवाया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर गांव रायथल चौराये से पादरू रोड़ के बीच 300 मीटर दूरी में चार जगह घुमावदार मोड दिए जा रहे हैं, जो कि रमणिया ग्राम के मुख्य आबादी क्षेत्र से निकलते हैं। यहां बाबा रामदेव का मदिर, विश्राम के लिए बडी चौकीयां व पार्क बना हुआ है। निर्माण कार्य को लेकर कार्यकारी एंजेसी के मदिर की चौकिया, मुख्य बस स्टैण्ड पर विश्राम चबूतरा तोडऩे की आशंका पर ग्रामीणों उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार को ज्ञापन सौंप विरोध जताते हुए कार्य रुकवाने की मांग की थी । इस पर इन्होंने राजस्व विभाग की ओर से गठित कमेठी के सर्वे के अनुसार कार्य करवाने की बात कही थी, लेकिन ठेकेदार ने इस पर कोई अमल नहीं किया ओर निर्माण कार्य शुरू रि दिया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हुए। जानकारी पर हाईवे ऑथोरिटी के अधिशासी अभियंता सुजानाराम विश्नोई मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि बाबा रामदेव मंदिर से दस फीट जगह छोड़ नाला व सड़क निर्माण कार्य करवाएं, लेकिन इस पर कोई सहमति नहीं बनी। इस पर तहसीलदार ने अधिशासी अभियंता को निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए।

Published on:
21 Oct 2018 09:36 pm
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