
Water reached river Looni, Inward weak
समदड़ी. एक साल बाद लूनी नदी में बुधवार सुबह पांच बजे पानी समदड़ी पहुंचा। पीछे से बांडी नदी के जलस्तर में गिरावट आने से लूनी नदी का वेग भी कमजोर पड़ गया है। नदी कई धराओं में बंट चुकी है। इससे नदी के आगे बढऩे की सम्भावना कम है। लूनी में पानी की आवक की जानकारी पर बुधवार को दिनभर नदी की रपट पर ग्रामीणों का पानी को देखने के लिए आवागमन बना रहा।
पाली से आ रहा पानी -
पाली जिले में हुई बरसात के बाद मरुगंगा लूनी नदी में पानी की आवक हुई है । पानी पाली जिले की बांडी नदी से आ रहा है, जो पानी धुन्धाड़ा के पास लूनी नदी में मिलती है। सोमवार व मंगलवार दोपहर तक पानी का वेग तेज रहने से यह पानी रानीदेशीपुरा तक पहुंचा, लेकिन दोपहर बाद आवक कमजोर होने से वेग भी कमजोर हो गया।
ऐसे में रानीदेशीपुरा से दो किलोमीटर दूर समदड़ी तक पानी के पहुंचने में करीब 17 घण्टे लग गए। बुधवार सुबह पांच बजे लूनी में पानी समदड़ी तक पहुंच पाया।
एक तरफ पानी की आवक कमजोर होने और दूसरी तरफ नदी में जगह-जगह अवैध बजरी खनन के चलते बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है ।
रसायनिक पानी भी साथ में-
बरसात के मौसम में जब भी पाली की बांडी नदी का पानी लूनी में आता है, तब इसमें पाली के औद्योगिक क्षेत्र के कारखानों का पानी भी छोड़ दिया जाता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। रसायनिक पानी (pollution in looni) बांडी नदी में छोडऩे से यह बरसाती पानी के साथ लूनी नदी तक पहुंच गया है।
एक साल बाद नदी में पानी आने से आमजन में खुशी है तो किसानों में इस रसायनिक पानी को लेकर निराशा भी है। इधर, नदी में पानी आने से किनारे स्थित कुओं में पानी का रिसाव होने लगा है।
Published on:
01 Aug 2019 04:40 pm
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