
पचपदरा में जलापूर्ति लड़खड़ाई, पेयजल संकट
बालोतरा.
तहसील मुख्यालय पचपदरा में आठ से दस दिन अंतराल में हो रही जलापूर्ति पर सर्दी में भी पेयजल संकट की स्थिति हो गई है। कस्बेवासियों को मंहगा मोल पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
कस्बे में आठ से दस दिन अंतराल में जलापूर्ति होने पर पेयजल किल्लत हो गई है। जलापूर्ति पर दो दिन की जरूरत जितना ही पानी उपलब्ध होता है। इस पर यहां के बाशिंदों को महंगा मोल पानी खरीदना पड़ रहा है।
यह है वजह- कस्बे में पूर्व में उम्मेदसागर-धवा-कल्याणपुर-समदड़ी-खंडप वैकल्पिक पेयजल योजना से जलापूर्ति की जाती थी। पिछले कुछ समय से पोकरण-फलसूण्ड, बालोतरा, सिवाना पेयजल योजना से कस्बे में जलापूर्ति की जा रही है। इस पेयजल लाइन में लीकेज, क्षतिग्रस्त होने पर देरी से जलापूर्ति पर जलदाय विभाग शहर बालोतरा को प्राथमिकता से आपूर्ति करता है। इसके बाद पचपदरा व अन्य कस्बों, गांवों में जलापूर्ति करता है। इस पर पचपदरा में देरी से होने वाली जलापूर्ति से रहवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
दस दिन के अंतराल से जलापूर्ति, पानी का संकट- कस्बे में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था लडख़ड़ाई हुई है। दस दिन के अंतराल से जलापूर्ति होती है। इस पर हर दिन पानी को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है।
दिव्या दवे
लम्बे समय से जलापूर्ति लड़खड़ाई-
कस्बे में लंबे समय से जलापूर्ति लडख़ड़ाई हुई है। आठ-दस दिन अंतराल में होने वाली जलापूर्ति पर हर दिन पानी का संकट रहता है। कई बार शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हो रही।-
. रामबाबू अरोड़ा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य
जलापूर्ति का समय व दिन नहीं निर्धारित- कस्बे में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सही नहीं है। पेयजल आपूर्ति का कोई दिन व समय निर्धारित नहीं है। इस पर हर समय पानी को लेकर तरसना पड़ता है।
अरूणा दवे
दस दिन के अंतराल से जलापूर्ति, पानी का संकट- कस्बे में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था लडख़ड़ाई हुई है। दस दिन के अंतराल से जलापूर्ति होती है। इस पर हर दिन पानी को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है।
दिव्या जैन
Updated on:
02 Feb 2019 11:56 pm
Published on:
02 Feb 2019 11:56 pm
