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दस दिनों से थमे 108 एम्बुलेंस के पहिए, मरीजों की जान पर बनी

- कस्बे व क्षेत्र के मरीज मरीज परेशान, बालोतरा से आती एम्बुलेंस, लगता समय
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दस दिनों से थमे 108 एम्बुलेंस के पहिए, मरीजों की जान पर बनी

दस दिनों से थमे 108 एम्बुलेंस के पहिए, मरीजों की जान पर बनी


समदड़ी पत्रिका. मरीजो के लिए जीवनदायनी कही जाने वाली समदड़ी अस्पताल की 108 एम्बुलेंस सेवा दस दिन से बंद है। इस पर मरीजों को निजी वाहन से जोधपुर या बालोतरा इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। समदड़ी से दो स्टेट हाइवे गुजरते हैं। इस पर प्राय: दुर्घटनाए होती रहती हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल पहुंचने के लिए 108 का ही सहारा है। कोई बीमार होने पर भी अस्पताल आने के लिए 108 को ही कॉल करता है। समदड़ी से जोधपुर या बालोतरा रैफर के दौरान इसी 108 का सहारा लिया जाता है। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

दूर से आने में लगता है समय- समदड़ी अस्पताल की 108 एम्बुलेंस में तकनीकी खराबी आने से सेवाएं दस दिन से बंद है। इस पर घटना, बीमार या मरीज को रैफर करने की स्थिति में बालोतरा, सिवाना से 108 एम्बुलेंस आती है। समदड़ी से दूरी 40 किलोमीटर और अंतिम छोर पर बसे गावों की दूरी 70 किलोमीटर दूर होने पर इसे आने में घण्टों समय लगता है। इतना लम्बा इंतज़ार मरीज नहीं कर सकता। ऐसे में मरीजों को किराए पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है जो उनके लिए महंगा साबित हो रहा है।
108 में भी सुविधाओ का अभाव- 108 एम्बुलेंस मरीजो के लिए वरदान मानी जाती है, लेकिन इसमें सुविधाओं के अभाव पर परेशानी उठानी पड़ती है। समदड़ी 108 एम्बुलेंस वाहन का एसी चालू हालात में नहीं है। इससे इस गर्मी में मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार 108 में ऑक्सीजन सिलेंडर की सेवाएं भी सही नहीं मिलती। इनकी पर्याप्त मॉनिटरिंग के अभाव में जो मरीजो को सुविधाएं दी जाती है, वो सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहती है। धरातल पर इसका लाभ मरीजो को नहीं मिलता। निसं.

दस दिन से सेवा बंद- समदड़ी अस्पताल की 108 एम्बुलेंस पिछले दस दिन से खराब होने से सेवा बंद है । आवश्यकता पर बालोतरा या सिवाना से बुलाने पर समय अधिक लगता है। इसे लेकर विभागीय अधिकारियों सहित 108 कंट्रोल रूम को भी अवगत करवाया गया है। - डॉ. शिवमंगल नांगल, प्रभारी चिकित्साधिकारी समदड़ी