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बड़वानी के सेंधवा भी आए थे अटल विहारी वाजपेयी

निधन से भाजपाइयों में शोक की लहर, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का खंडवा से रहा नाता

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Atwala Vihari Vajpayee also came to Bardwani's Sandhwa

Atwala Vihari Vajpayee also came to Bardwani's Sandhwa

सेंधवा. पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर नगर में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि वाजपेयी के निधन पर पशुपालन मंत्री अंतरसिंह आर्य ने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए। पार्टी स्तर पर शोक और श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया।
अग्रवाल ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी का निमाड़ से लगाव रहा है। वे जिस वक्त विदेश मंत्री थे, तब बड़वानी जिले के सेंधवा में भी आए थे। वे तत्कालीन सांसद रामचंद्र वि_ल बड़े के नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सेंधवा आए थे। पर शासकीय महाविद्यालय सेंधवा आए थे। उस समय उन्होंने रामचंद्र बड़े को एक लाख रुपए की थैली भेंट की थी। इसके बाद वे बड़वानी जिले के राजपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। 1998 में जब वे प्रधानमंत्री थे, उस समय पशुपालन मंत्री आर्य और पूर्व जिलाध्यक्ष एस.वीरा स्वामी, निमाड़ और मालवा के करीब 500 आदिवासियों को लेकर दिल्ली प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने गए। तब सुरक्षा गार्ड ने इन लोगों को अटल के पास जाने से रोका दिया था। इस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि यह निमाड़ के लोग हंै। इनसे मुझे कोई खतरा नहीं है। इन्हें आने दो। तब मंत्री आर्य और वीरा स्वामी ने स्वागत कर क्षेत्र की समस्या और नवाड़ के पट्टे की मांग रखी थी। उस समय अटल ने कहा था कि मप्र में भाजपा की सरकार बनाओ मैं तुम्हें पट्टा दे दूंगा। सेंधवा में 12 हजार से ज्यादा वन अधिकार के पट्टे वितरित हुए है।
पूर्व पीएम के निधन पर सात दिन का राजकीय शोक
बड़वानी. भारत सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर सात दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। गुरुवार शाम 5.५ मिनट पर भारत रत्न वाजपेयी का निधन हुआ है। एम्स की चेयर पर्सन आरती विज ने इसकी अधिकारिक पुष्टि मेडिकल बुलेटिन द्वारा दी। 16 से 22 अगस्त तक राजकीय शोक रहेगा। इस संबंध में भारत सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव सतपाल चौहान ने देश के सभी मुख्य सचिवों को पत्र जारी किया है। सात दिनों तक शासकीय भवनों पर लगा राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा। मप्र शासन द्वारा शुक्रवार को आयोजित होने वाला मिल बांचे कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हरिरंजन राव ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को आगामी आदेश तक कार्यक्रम स्थगित करने का पत्र जारी कर दिया है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का खंडवा से रहा नाता
खंडवा. 1999 में अटलजी की सभा प्रधानमंत्री के रूप में पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास हुई। लोकसभा के उम्मीदवार नंदकुमार सिंह चौहान थे। अटलजी की सरकार 1 वोट से गिरने से यह चुनाव हुआ था। 2003 में अटलजी प्रधानमंत्री के रूप में ओंकारेश्वर परियोजना के शिलान्यास के लिए आए। १ सितंबर २००३ को खंडवा में छैगांवमाखन के पास सभा हुई थी, तब हुकुमचंद यादव यहां विधायक प्रत्याशी थे और उमा भारती को सीएम प्रोजेक्ट किया गया था। इनके पक्ष में अटल बिहारी वाजपेयी ने संबोधित किया था। भाजपा प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री पद की प्रथम बार शपथ लेने के दिन ही सांसद नंदकुमारसिंह चौहान के साथ उनके निवास पर पहुंचे थे। तब जैन समाज की ओर से गोमांस निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध पत्र प्रेषित किया था। साथ में हरीश कोटवाले, वरिष्ठ नेता सुरेंद्र अग्रवाल, पूर्व पार्षद देवेंद्र बजाज भी थे।
निमाड़ से एेसा रहा है उनका नाता
सन् 1977 में उन्होंने निमाड़ में दस्तक दी थी। आपातकाल के बाद देशभर में उनकी सभाएं हुईं।
सन् 1981 के अप्रैल में खरगोन के भाजपा कार्यालय दीनदयाल भवन का शिलान्यास किया था।
सन् १९९२ में खरगोन जिले में देजला-देवाड़ा बांध के उद्घाटन समारोह में वे आए थे।
सन् 1997-98 के विधानसभा चुनावों में भी वे भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार के लिए इस क्षेत्र में आए।