
Barwani Narmada Bachao Andolan Barwani Protest
बड़वानी। सरदार सरोवर बांध से प्रभावित जिले के विभिन्न ग्रामों के लोगों का मंगलवार से शहर के एनवीडीए कार्यालय के बाहर घेराव जारी है। बुधवार को शासकीय अवकाश होने से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में कार्यालय के बाहर ही प्रभावितों ने चूल्हा-चौकी लगाकर भोजन ग्रहण किया जा रहा है। गुरुवार को कार्यालय खुलने पर जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा होने के आसार है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन के नेतृत्व में पहुंचे लोग ग्राम पिछोड़ी, बिजासन, राजघाट आदि डूब गांवों से आए है। नबआं के पवन यादव ने बताया कि मंगलवार को नर्मदा घाटी के किसान, मजदूर, मछुआरों, कुम्हार अपनी मांगों को लेकर एनवीडीए कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान भू अर्जन व कार्यपालन यंत्री से चर्चा में पिछोड़ी व बिजासन बसाहट में प्लाट को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद प्रभावितों ने कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया है।
प्रभावितों ने बताया कि वर्ष 2019 की डूब में जिन विस्थापितों के मकान डूब प्रभावित हुए उन विस्थापितों के मुद्दे पर भी भूअर्जन अधिकारी का कहना है, कि सबको मकान बनाने के लिए 5.80 लाख का लाभ दे दिया है। जबकि आज भी सैकड़ों लोग बाकी हैं, जिनके मकानों तक बेकवाटर पहुंचा है। गेंदालाल पिता धनसिह ने बताया कि मकान पूर्ण डूब में होने के बावजूद जबरन बिना आधार के कारण बताकर अपात्र कर दिया, जो अन्याय है।
टिनशेड वाले भी तक रहे न्याय की राह
इसी तरह संपूर्ण डूब के बाद कई तटीय प्रभावितों को दल-बल के दम पर टिनशेडों में भेजा गया था। उनके हक का भी अब तक कोई निराकरण नहीं किया गया। 10 बाय 10 के टिनशेड में कुछ माह भोजन दिया। उसके बाद से सरकार व विभाग सुध लेने नहीं आया। बिजली कनेक्शन तक काट दिया था।
Published on:
22 Jul 2021 11:26 am
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