2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्कूल में पति-पत्नी का राज : सुबह से आ जाते बच्चे, शिक्षक दो बजे आने के बाद भी चलाते मोबाइल

यहां स्कूल में पति पत्नी का राज चल रहा है, पत्नी तो कभी आती ही नहीं है। पति दोपहर 2 बजे बाद आते हैं, लेकिन इसके बाद भी बच्चों को पढ़ाने की बजाय मोबाइल चलाने में बिजी रहते हैं.

2 min read
Google source verification
स्कूल में पति-पत्नी का राज : सुबह से आ जाते बच्चे, शिक्षक दो बजे आने के बाद भी चलाते मोबाइल

स्कूल में पति-पत्नी का राज : सुबह से आ जाते बच्चे, शिक्षक दो बजे आने के बाद भी चलाते मोबाइल

बड़वानी/आमला. मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूल खुलने के बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं, जिले के एक गांव में तो हालात इतने बद्हाल है कि यहां स्कूल में पति पत्नी का राज चल रहा है, पत्नी तो कभी आती ही नहीं है। पति दोपहर २ बजे बाद आते हैं, लेकिन इसके बाद भी बच्चों को पढ़ाने की बजाय मोबाइल चलाने में बिजी रहते हैं, ऐसे में पढऩे के इच्छुुक बच्चे भी मवेशी चराने चले जाते हैं। आइये जानते हैं इस स्कूल के हालात।

आदिवासी बाहुल्य ग्राम बोदुड़ रैयत (पाचनजोत) के शासकीय प्राथमिक स्कूली छात्राएं शीला, पूनम, चंगर, सानिया, गीता यह वह छात्राएं हैं जो कि प्रतिदिन स्कूल इस उम्मीद में जाती है कि आज पढ़ाई होगी, लेकिन स्कूल के बंद होने या फिर विलंब से खुलने के कारण ये फिर मवेशी चराने निकल जाती है। इन छात्राओं से जब चर्चा की तो उन्होंने बताया कि हम तो पढऩा चाहते हैं, लेकिन हमें शिक्षक पढ़ाए तब ना...? स्कूल खुलने का कोई समय निश्चित नहीं है।

शिक्षकों के स्कूल समय पर नहीं आने से बच्चे करते हैं इंतजार।

शिक्षक दो बजे के बाद आते हैं और शिक्षिका का कोई अता-पता नहीं रहता है। कभी स्कूल खुलता है तो कभी खुलता ही नहीं है। ऐसे में हम मवेशी चराने लगते हैं। यह मामला जिले के आमला विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम बौदुड़ रैयत (पाचनजोत) के शासकीय प्राथमिक स्कूल का है।

10 तक गिनती भी नहीं सिखाई
छात्राओं ने बताया कि जब भी मास्टरजी स्कूल आते है तो मोबाइल में ही लगे रहते हैं। ऐसे में हम कुछ पढ़ नहीं पा रहे है। स्कूल की छात्राओं ने बताया कि 5 वीं कक्षा तक की छात्राओं को 10 तक के गिनती भी नहीं आती।


पति-पत्नी एक ही स्कूल में
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में पदस्थ शिक्षक शिक्षिकाएं दोनों पति- पत्नी है, इसलिए यह समस्या उत्पन्न हुई है। मेडम तो कभी-कभार ही स्कूल में आती है, क्योंकि उनका निवास हमारे ग्राम से कुछ ही दूरी पर है। ग्रामीणों ने स्कूल में व्यवस्था सुधारने की मांग की है।


दो बजे के बाद खुला स्कूल का ताला

मंगलवार को बच्चे स्कूल का चक्कर लगाते रहे कि अब स्कूल खुले. लेकिन दोपहर दो बजे तक स्कूल में ताला ही लटका रहा। शिक्षक दो बजे के बाद पहुंचे, लेकिन मेडम तो दो बजे तक भी नहीं पहुंची।

स्कूल में शिक्षक शिक्षिकाएं समय पर नहीं आते है जानकारी लगी है। कल ही स्कूल में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
-यशवंत झरबड़े, बीईओ आमला

बड़ी खबर- ओमिक्रॉन के मरीजों में नजर आ रहे एक समान लक्षण, एमपी के इन दो शहरों में सबसे अधिक मरीज

कार्रवाई की जाएगी

आपके द्वारा शिकायत मिली है. जांच करवाकर संबंधित खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनीष धोटे, बीआरसी अधिकारी आमला