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सिर पर बोवनी, सोयाबीन बीज के लिए भटक रहे किसान

कृषि विभाग ने भेजी कम डिमांड, एक गांव में चार किसानों को दे रहे बीज, पिछले साल की तुलना में सोयाबीन का लक्ष्य भी घटा दिया विभाग ने, खरीफ में सोयाबीन, मक्का, कपास सहित 2.37 लाख हेक्टेयर में होगी बोवनी

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Farmer worried for soybean seeds

Farmer worried for soybean seeds

बड़वानी. सरकारी तौर पर मिलने वाले सोयाबीन बीज के लिए किसान परेशान हो रहे है। मानसून की दस्तक हो चुकी है और किसानों के खेत तैयार है। सिर पर बोवनी होने से किसान सोयाबीन बीज के लिए भटक रहे हैं।बड़वानी तहसील को कम बीज मिलने से विभाग पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर सोयाबीन बीज बांट रहा है, वो भी एक किसान को एक बैग। जिसके चलते किसानों को बाजार से बीज खरीदना पड़ रहा है। विभाग का तर्क है कि मांग का आधा ही बीज आ पाया है, जिसके कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि सोसायटियों से किसान बीज ले सकते हैं।
बारिश में खरीफ की बोवनी शुरू हो चुकी है।कृषि कल्याण विभाग द्वारा खरीफ की बोवनी का लक्ष्य 2 लाख 37 हजार 648 हेक्टेयर रखा गया है। इसमें सोयाबीन के रकबे का लक्ष्य 30 हजार हेक्टेयर तय किया गया है।पिछले साल सोयाबीन का रकबा 33680 हेक्टेयर था जो इस साल 3680 हेक्टेयर कम हुआ है। बड़वानी तहसील के लिए कृषि विभाग को इस साल सूरजधारा योजना में 80 क्विंटल सोयाबीन का बीज दिया गया है। पूरे जिले में सूरजधारा योजना और बीजग्राम योजना के तहत 857 क्विंटल ही बीज मिल पाया है। कृषि विभाग द्वारा सोयाबीन का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुसार मिले बीज की मात्रा बहुत कम है।
परेशान होते रहे किसान
कृषि विभाग सोयाबीन बीज लेने पहुंचे किसानों ने बताया कि उन्हें या तो कम बीज दिया जा रहा है, या फिर सोयाबीन के बदले मक्का का बीज दिया जा रहा है। बडग़ांव से आए निहारसिंह बामनिया ने बताया कि दो एकड़ में सोयाबीन लगाना है, सिर्फएक ही बैग 30 किलो का बीज दिया जा रहा है।किसान रूपसिंह ने बताया कि 10 एकड़ का खेत है, दो पावती है, उन्हें दो बैग ही बीज दिया गया। वहीं, रेहगुन से आए किसान कैलाश शोभाराम ने बताया कि 3 एकड़ में सोयाबीन लगाना है, यहां आए तो पता चला कि सोयाबीन बीज नहीं है, उसके बदले उन्हें मक्का का बीज दिया जा रहा है। अब बाजार से बीज खरीदना पड़ेगा।
मक्का और कपास का रकबा बढ़ा
कृषि विभाग द्वारा खरीफ का रकबा इस साल नहीं बढ़ाया गया है।खरीफ की बोवनी का कुल रकबा 237648 हेक्टेयर रखा गया है। जिसमें सोयाबीन का रकबा घटा है और मक्का व कपास का रकबा बढ़ा है। मक्का का रकबा पिछले साल 62215 हेक्टेयर रखा गया था, जो इस साल 1765 हेक्टेयर बढ़ाकर 63980 हेक्टेयर किया गया है। वहीं, कपास का रकबा पिछले साल63015 हेक्टेयर था। जो इस साल 64600 हेक्टेयर किया गया है।इसमें से 12685 हेक्टेयर में कपास की बोवनी भी हो चुकी है। इस साल ज्वार का रकबा भी 27120 से बढ़ाकर 27950 किया गया है।
जिले में सोयाबीन और मक्का के बीज की स्थिति
ब्लॉक - सोयाबीन मक्का
बड़वानी- 80- 250
सेंधवा - 192.30 - 450
ठीकरी - 40.20 - 130
पानसेमल- 232.90- 130
निवाली - 60 - 120
राजपुर - 126- 270
पाटी - 135.60- 180
कुल - 857 क्विं.- 1530 क्विं.
पहले आओ, पहले पाओ
80 क्विंटल ही आया है, जिसके कारण पहले आओ पहले पाओ के नियम से दे रहे है।योजना की गाइड लाइन के हिसाब से ही दे रहे है। 150 क्विंटल की मांग की थी, लेकिन नहीं मिल पाया।
महेश खन्ना, प्रभारी एसओडी कृषि कल्याण अनुविभाग
सोसायटी से ले सकते बीज
शासन द्वारा सूरजधारा और बीजग्राम योजना में इतना ही बीज दिया गया है।इससे अधिक बीज लेने पर किसान को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाता। बीज निगम में 500 क्विंटल बीज अतिरिक्त रखा हुआ है। सोसाटियों को कहा जा चुका है कि वहां से बीज लेकर वितरण करें। किसान सोसायटी से बीज ले सकते हैं।
केएस खपेडिय़ा, उपसंचालक कृषि