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फैशन डिलाइनिंग कोर्स को बगैर कारण ही कर दिया बंद

मशीनें फांक रही धूल, अच्छी खासी तादाद में थे विद्यार्थी इस कोर्स में, 30 से ज्यादा मशीनें कबाडख़ाने में पड़ी

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Fashion dalining course closed

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बड़वानी से ऑनलाइन खबर : विशाल यादव
बड़वानी. एक तरफ बेराजगारी को लेकर बातें हो रही हैं तो दूसरी तरफ कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्सेस नहीं होने का भी आरोप लगता रहता है। यह आरोप सही भी है क्योंकि यहां छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो कोर्स शुरू किया गया था, उसे पांच साल पहले बगैर किसी कारण के बंद कर दिया गया। फैशन डिजाइनिंग के नाम से शुरू किए गए कोर्स के लिए तीस मशीनें भी बुलाई गई थी जो अब धूल फांक रही है। ऐसे में अब इस कोर्स को फिर से शुरू करने की मांग उठने लगी है।
छात्राओं ने दिखाई थी दिलचस्पी
शासकीय पीजी कॉलेज में फैशन डिजाइनिंग डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया था। यह कोर्स करने के लिए छात्राओं ने खासी दिलचस्पी दिखाई थी और इसका फायदा भी मिल रहा था। कुछ समय बाद अचानक इस कोर्स को बंद कर दिया गया। जिसका कारण आज तक कॉलेज प्रशासन को नहीं पता। कोर्स बंद होने के बाद अच्छी खासी मशीनों को कबाड़ में डाल दिया गया।अभी भी यह मशीनें धूल ही फांक रही है।
एक बार निकली थी मशीनें
बताया जाता है कि 2012 मेें यह मशीनें एक बार फिर निकाली गई थी। तत्कालीन प्राचार्य एसएन वर्मा जब यहां आए तो उन्हें मशीनों के बारे में बताया गया। उन्होंने मशीनों को निकलवाकर शहर की महिलाओं के लिए सिलाई सिखाने का काम शुरू किया। कैरियर सेल के माध्यम से शहर की गरीब, विधवा और जरूरतमंद महिलाओं को यहां फ्री में सिलाई सिखाई गई। सैकड़ों महिलाओंं ने इसका फायदा भी उठाया। लेकिन फिर बाद में यह कैरियर सेल से वापस ले ली गई और कबाडख़ाने में डाल ली गई। अब नए प्राचार्य डॉ. सीएन खीची ने इस कोर्स को दोबारा से शुरू करने के संकेत दिए हैं।

अब बड़वानी के विद्यार्थी पढ़ेंगे पत्रकारिता का पाठ
बड़वानी. पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों को अब पत्रकारिका का ककहरा भी सीखने को मिलेगा। कॉलेज प्रशासन जल्द ही यहां पत्रकारिता डिप्लोमा कोर्स शुरू करेगा। इसके लिए प्राचार्य सीएल खीची ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के लिए कहा है। प्राचार्य ने बताया कि पत्रकारिता में अभी भी बहुत ज्यादा स्कोप हैं। ऐसे में यहां के विद्यार्थियों को भी इस कोर्स को पढऩे का मौका मिलना चाहिए। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार को यह प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इसके लिए 11 नवंबर आखिरी तारीख हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव ऑन लाइन सरकार को भेजा जाएगा। वहां से अप्रूवल आते ही देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से मंजूरी मिल जाएगी और यहां कोर्स शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुमकीन हुआ तो यहां बैचलर ऑफ जर्नलिज्म का कोर्स भी शुरू किया जा सकता है। जिसमें 80 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। यह कोर्स शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को एक और कोर्स का ऑब्शन मिल जाएगा।