
सेहत बिगाड़ रहा मौसम का मिजाज- स्वस्थ रहने के लिए करें ये उपाए
मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों से काफी बदल रहा है, कभी गर्मी लगने लगती है, तो कभी बारिश के कारण फिर मौसम में ठंडक घुल जाती है, ऐसे में कभी सर्दी-कभी गर्मी के कारण लोगों का स्वास्थ भी बिगड़ रहा है, इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही से लोग बीमार हो रहे हैं, किसी को खांसी, किसी को सर्दी-जुकाम तो कोई बदन दर्द से परेशान हैं, अगर आप भी मौसम की मार के कारण बीमार महसूस कर रहे हैं, तो कुछ उपाए अपनाएं, इससे आप स्वस्थ रहेंगे।
मौसम का मिजाज सेहत पर भारी पड़ रहा है। बीते एक सप्ताह से रात और दिन के पारे में उतार-चढ़ाव आ रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम 26.0 सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम का ये मिजाज सेहत के लिए नुकसान देय है।
बदलते मौसम के कारण वायरल इंफेक्शन के मरीज बढ़ रहे है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिता सिंगारे ने बताया कि मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी 700 से 800 तक पहुंच रही है। ओपीडी में रोज 50 से 60 फीसदी मरीज वायरल इंफेक्शन के आ रहे है। डॉ. सिंगारे ने बताया कि ऐसे मौसम में आमजन को कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। कंजक्टिवाइटिस भी मौसम के बदलाव की वजह से भी फैल रहा है।
मौसम के प्रभाव से बचने के उपाय
● कंजक्टिवाइटिस से बचने के लिए बार-बार हाथ साफ करें। आंखों को छूने से बचें। एक-दूसरे के टॉवल, तकिया, आई ड्रॉप आदि उपयोग नहीं करें।
● पानी को अच्छा उबालकर ठंडा करने के बाद पीएं। नल, बोर का पानी सीधे उपयोग नहीं करें।
● रात के समय बच्चों को कपड़े पहनाकर सुलाएं। पंखा ज्यादा तेज स्पीड में नहीं चलाएं।
● आइस्क्रीम, कोल्ड-ड्रिंक्स का सेवन बिल्कुल नहीं करें। ठंडी खाद्य सामग्री का सेवन नहीं करें।
● रात के समय घर से बाहर निकलें तो फुल कपड़े पहनकर निकलें।
● मौसमी बीमारियों से बचने के लिए कोरोना गाइड लाइन का पालन किया जाए तो बहुत लाभ मिलेगा।
सेहत पर दिख रहा असर
मौसम का सेहत पर असर कुछ इस तरीके से महसूस हो रहा है कि रात-दिन कभी भी पंखा चलाओ तो सर्दी लगती है और पंखा बंद कर दें तो गर्मी। इस मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम और फीवर की शिकायत देखी जा रही है। बुजुर्ग भी इन्हीं की चपेट में है। मौसम का ये मिजाज आगे भी जारी रहने वाला है, जब तक तेज धूप खिलकर मौसम की नमी खत्म नहीं होती है, ये दिन सेहत पर भारी रहेंगे।
दो माह और प्रकोप
विशेषज्ञ बता रहे है कि ये मौसमी बीमारियों का सीजन है। जुलाई, अगस्त, सितंबर महीने में वायरल का खतरा रहता है। जुलाई निकल चुका है, अभी दो महीने और मौसमी बीमारियों का प्रकोप रहेगा। इससे बचने लोग खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
जिला अस्पताल की ओपीडी में 50 से 60 फीसदी मरीज वायरल इंफेक्शन के आ रहे हैं। इस मौसम में ये दिक्कत होती है, कुछ सावधानियां रखकर वायरल इंफेक्शन से बचा जा सकता है।
-डॉ. अनिता सिंगारे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बड़वानी
Published on:
07 Aug 2023 04:13 pm
