
बड़वानी. सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावितों के संपूर्ण पुनर्वास को लेकर नबआं नेत्री मेधा पाटकर व ११ अनशनकारी ९ दिन से चिखल्दा में सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गुरुवार रात को मेधा पाटकर की तबीयत ज्यादा खराब होने से डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया था। मेधा पाटकर का रक्तचाप कम होने के साथ ही शरीर में क्रिटोन बनना शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह मेधा पाटकर के स्वास्थ्य को लेकर देशभर में उनके समर्थकों में चिंता की लहर फैल गई। दोपहर को मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मेधा पाटकर को ट्वीट कर कहा कि मुझे आपके और आपके साथियों के स्वास्थ्य की चिंता है। मेरा आपसे नम्र निवेदन है कि आप अनशन समाप्त कर दें।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने दूसरा ट्वीट करते हुए कहा कि सभी विस्थापितों के हितों की चिंता करना मेरा कर्तव्य है, मैं और मेरा पूरा प्रशासन उनके साथ है। मेधा पाटकर ने सीएम के इस ट्वीट पर अपना बयान जारी करते हुए कहा कि सीएम को हमारी चिंता है, इस बात की खुशी है, लेकिन वे अब भी झूठे बयान दे रहे हैं। उन्होंने एक ट्वीट में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी का पुनर्वास हो गया है। अगर सभी का पुनर्वास हो गया होता तो ये आंदोलन भी खत्म हो चुका होता। सीएम, उनके मंत्री, उनके अधिकारी हर कोईअलग-अलग आंकड़े पेश कर भ्रम फैला रहे है।
दिल्ली में भी मिल रहा समर्थन
जंतर मंतर पर बैठे नर्मदा घाटी के लोग और योगेंद्र यादव, अलोक अग्रवाल, संदीप पांडे और डॉ. सुनीलम शुक्रवार को दूसरे दिन भी अनशन जारी रहा। अनशनकारियों को समर्थन देने जिग्नेश मेवानी भी पहुंचे। वहीं, चिखल्दा में कांग्रेस के पूर्व सांसद, चार पूर्व विधायक, कुक्षी विधायक हनी बघेल, आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता भी समर्थन देने पहुंचे। उधर दिल्ली में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी अन्य पार्टियों के 15 सांसदों ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की।
Updated on:
06 Aug 2017 11:34 am
Published on:
04 Aug 2017 09:03 pm
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