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MP News: मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के पाटी जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ निलेश नाग पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। दरअसल, पूर्व सीईओ की तरफ से ग्राम पंचायत कंड्रा और लिंबी के सचिवों से निर्माण कार्यों की जांच दबाने की एवज में 10-10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने पर लोकायुक्त इंदौर ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संशोधन 2018 की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामला जांच में लिया है।
ग्राम पंचायत कंड्रा के सचिव मोती खरते और ग्राम पंचायत लिंबी के सचिव कैलाश सोलंकी ने पूर्व सीईओ निलेश नाग से हुई मोबाइल वार्ता को रिकॉर्ड कर लिया था। इस रिकॉर्डिंग को उन्होंने आवेदन के साथ पेन ड्राइव में लोकायुक्त को सौंपा। शिकायत की जांच उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान से कराई गई। जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई। लोकायुक्त ने बताया कि दो सचिवों ने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की थी।
रिकॉर्डिंग का परीक्षण कराया गया और शपथ पत्र भी लिए गए। जांच में रिश्वत की बात प्रमाणित पाई गई। इन्हीं आधारों पर पूर्व सीईओ निलेश नाग के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। अब मामले की विस्तृत विवेचना होगी और यदि जांच में कोई अन्य व्यक्ति संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
05 Sept 2025 08:45 pm
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