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पहाड़ियों के बीच 10 साल से झोपड़ी में चल रहा स्कूल, 5 किमी पैदल चलकर पढ़ाने पहुंचते शिक्षक

बड़वानी जिले में दयनीय स्थिति: रामगढ़ की पहाड़ियों में बनी झोपड़ी गिर भी चुकी, आंखें मूंदे बैठे अफसर

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बड़वानी जिले में दयनीय स्थिति

रवींद्र मराठे, पानसेमल (बड़वानी). बड़वानी के पानसेमल क्षेत्र में रामगढ़ की पहाड़ियों के बीच 10 वर्ष से झोपड़ी में ही स्कूल चल रहा है। शिक्षक पांच किलोमीटर पैदल चलकर बच्चों को पढ़ाने जाते हैं। ग्राम पंचायत पन्नाली के तहत आने वाले वन खामघाट गांव स्थित यह झोपड़ीनुमा स्कूल चारों तरफ पहाड़ी से घिरा है। यहां पास से ही नाला बहता है। स्कूल में करीब 30 बच्चे दर्ज हैं। सरकारी प्राथमिक स्कूल झोपड़ी में चल रहा है लेकिन अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हैं।

भेजा है प्रस्ताव
प्रभारी डीपीसी सौरभ राठौर के अनुसार प्राथमिक विद्यालय भवन बनाने के लिए प्रस्ताव वर्ष 2021-22 में जा चुका है। शासन से जैसे ही स्वीकृति मिलती है, उसे बनाएंगे।

जमीन देने तैयार
गांव का एक ग्रामीण स्कूल के लिए जमीन देने को तैयार है. भाव सिंह पटेल ने बताया कि सरकार यहां का भवन बनाती है तो मेरी ओर से जमीन दान दी जाएगी।

कई प्रस्ताव बीआरसी को दिए हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है- जन शिक्षक शांतिलाल गवले ने बताया, कई प्रस्ताव बीआरसी को दिए हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्कूल की अतिथि शिक्षक निर्मला अशोक पंवार ने बताया कि वे 10 वर्ष से यहां पढ़ा रही हैं। वे करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर यहां पहुंचती हैं। यह झोपड़ी ऐसे स्थान पर है, जहां पहाड़ का पानी बारिश के समय में सीधे पहुंच जाता है। एक बार तो झोपड़ी गिर भी चुकी है। फिर भी शिक्षक अपनी सेवाएं देकर शिक्षा का उजियारा फैला रहे हैं। इतने के बावजूद भी जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदें बैठे हैं।