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सालभर से अपात्र ले रहे थे सरल बिजली का लाभ, अब होंगे बाहर

अब नहीं आएगा 200 रुपए बिजली बिल, जितनी उपयोग की उतना देना होगा बिल, एक किलो वॉट से ज्यादा भार वाले भी नहीं ले पाएंगे योजना का लाभ, विद्युत कंपनी ने किया अपात्रों को चिह्नित, रेग्यूलर टैरिफ से देंगे बिल

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Simple Electricity Bill Plan, Indira Gandhi Home Jyoti

Simple Electricity Bill Plan, Indira Gandhi Home Jyoti

बड़वानी. ज्यादा बिजली जलाकर भी 200 रुपए बिजली बिल भरने वालों को जल्द ही बिजली बिल का करंट लगने वाला है। सरल बिजली बिल योजना (अब इंदिरा गांधी गृह ज्योति) में पिछले एक साल से लाभ ले रहे अपात्र अब योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। विद्युत वितरण कंपनी ने अपात्रों को योजना से बाहर करने की तैयारी कर ली है। जिसके तहत 150 यूनिट से ज्यादा बिजली का उपयोग करने वालों की सूची तैयार कर ली गई है। अब विद्युत कंपनी इन उपभोक्ताओं को सामान्य टैरिफ के अनुसार बिजली बिल देगी।
एक साल पहले तत्कालीन भाजपा सरकार के मुखिया शिवराजसिंह चौहान ने गरीबों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरल बिजली बिल योजना आरंभ की थी। इसमें संबल योजना के तहत आ रहे शहरी क्षेत्र में 4435 उपभोक्ताओं ने सरल बिजली बिल योजना में पंजीयन कराया था। सरल बिजली बिल का लाभ लेने वाले ऐसे कई उपभोक्ता थे जो अपात्र होने के बाद भी 200 रुपए बिजली बिल भर रहे थे। अब कांग्रेस सरकार ने ऐसे अपात्रों को बिजली बिल का झटका दे दिया है। जून माह में सरल बिजली बिल योजना के कई उपभोक्ताओं को 200 रुपए के स्थान पर बढ़े हुए बिल मिले है।
नाम के साथ बदले नियम भी
विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सरकार ने आते ही इस योजना में परिवर्तन किया और योजना के नाम सहित नियम भी बदल दिए। अब योजना के तहत 100 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्तातों को 100 रुपए बिजली बिल देना होगा। 150 यूनिट तक भी विविकं छूट देगी। इससे अधिक खपत होने पर पहली 100 यूनिट पर छूट के बाद 100 से 250 यूनिट तक बिजली उपयोग करने पर सामान्य टैरिफ यानि 6 रुपए यूनिट का बिल चुकाना होगा। सरकार इंदिरा गांधी गृह ज्योति योजना के उपभोक्ताओं को पहली 100 यूनिट तक 100 रुपए का ही बिल देगी। 150 यूनिट तक बिल आने पर तीन माह उपभोक्ता की खपत पर नजर रखी जाएगी। तीन माह से ज्यादा तक 150 यूनिट से ज्यादा बिल आता है तो उसे सामान्य टैरिफ में शामिल कर लिया जाएगा।
547 को किया चिह्नित, होंगे योजना से बाहर
कांग्रेस सरकार ने आते ही योजना में परिवर्तन किया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते इसे लागू नहीं किया गया था। इस दौरान विविकं को निर्देश दिए गए थे कि वो 100 से 150 यूनिट बिजली जलाने वाले उपभोक्ताओं पर नजर रखे। विविकं द्वारा इंदिरा गांधी गृह ज्योति योजना के हितग्राहियों के बिलों की लगातार तीन माह से समीक्षा की जा रही थी। समीक्षा के बाद विविकं ने योजना के 4435 उपभोक्ताओं में से 547 उपभोक्ता ऐसे चिह्नित किए है, जिनकी बिजली खपत 150 यूनिट से ज्यादा आ रही थी। वहीं, इस दौरान एक किलो वॉट से ज्यादा विद्युत भार वाले हितग्राहियों पर भी नजर रखी गई। अब कंपनी जल्द ही इनको योजना से बाहर करने की तैयारी में है।
फैक्ट फाइल...
18490 कुल उपभोक्ता शहर में बिजली कंपनी के
14154 उपभोक्ता घरेलू बिजली के
2595 उपभोक्ता व्यवसायिक बिजली उपयोग के
151 उपभोक्ता औद्योगिक क्षेत्र बिजली के
1364 उपभोक्ता सिंगल पाइंट बिजली के
184 अस्थाई बिजली कनेक्शन
4435 उपभोक्ता इंदिरा गांधी गृह ज्योति योजना के
547 उपभोक्ता इंदिरा गांधी गृह ज्योति योजना के होंगे बाहर
कार्रवाई के कोई निर्देश नहीं
इंदिरा गांधी गृह ज्योति योजना में जो हितग्राही 150 यूनिट से ज्यादा बिजली जला रहे है उन्हें योजना से बाहर किया जाएगा। अभी ऐसे उपभोक्ताओं की बिजली खपत पर नजर रखी जा रही है। इन पर कार्रवाई या रिकवरी करने के कोई निर्देश नहीं मिले है, सिर्फ योजना से बाहर कर सामान्य टैरिफ से बिजली बिल दिया जाएगा।
पीसी पटेल, उपयंत्री शहर विविकं