
स्वामी रामशंकर
अंजड़. देशभर से साधु-संत नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्यप्रदेश आ रहे है। इनके बीच स्वामी रामशंकर भी इन दिनों नर्मदा परिक्रमा पर निकले है। वे डिजिटल बाबा के नाम से प्रसिद्धि हासिल कर चुके हैं. डिजिटल बाबा नर्मदा परिक्रमा करते हुए लगातार नर्मदा नदी के विभिन्न घाटों सहित लगे हुए गांवों में भी पहुंच रहे हैं और यहां की समस्याएं जानने तथा उन्हें हल करने की बात भी कहते हैं।
खास बात यह है कि डिजिटल बाबा अपने साथ सेल्फी स्टिक और कॉलर माइक लेकर चल रहे है। इनके माध्यम से वे नर्मदा परिक्रमा के दौरान अलग अलग स्थानों की समस्याओं को लेकर आमजन से बातचीत करते हुए इन समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
डिजिटल बाबा ने अपनी नर्मदा परिक्रमा 4 नवंबर एकादशी के दिन ओमकारेश्वर से शुरू की है। 35 वर्षीय डिजिटल बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुआ. डिजिटल बाबा सनातन धर्म और अध्यात्म से जुड़े विषयों पर लगातार सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संवाद करते है। युवाओं को सनातन धर्म और अध्यात्म के प्रति जागरूक करते हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की वजह से डिजिटल बाबा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई फॉलोअर्स भी है। इतना ही नहीं डिजिटल बाबा लगातार देश के अलग.अलग हिस्सों का भ्रमण करते हुए धार्मिक स्थलों की जानकारी भी युवाओं को प्रदान करते है।
डिजिटल बाबा ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई की है। वे घर परिवार और संसार को त्याग कर अध्यात्म की दुनिया में भक्ति की ओर निकल पड़े है। इतना ही नहीं डिजिटल बाबा ने अपना जीवन भक्ति मार्ग में समर्पित करने का निर्णय भी लिया है। अब स्वामी राम शंकर यानी डिजिटल बाबा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित बैजनाथ धाम में एक कुटिया बनाकर रहते हैं। साथ ही वे देश के अलग.अलग धार्मिक स्थलों की यात्राएं भी करते रहते है. मां नर्मदा की परिक्रमा करते हुए वे अंजड़ आए और यहां की भावसार समाज धर्मशाला में एक रात्रि विश्राम करने के बाद वे आगे के लिए रवाना हो गए।
सरकार तक पहुंचा रहे समस्या
डिजिटल बाबा बड़वानी जिले में नर्मदा किनारे के इलाकों में परिक्रमा कर रहे है। वे आम जनता से बातचीत भी करते हैं। हाल ही में डिजिटल बाबा ने ब्राह्मणगांव सुखेश्वर लोहारा सिद्धेश्वर के दर्शन किए. साथ ही ग्राम खेड़ा तहसील ठीकरी में कक्षा 1ली से 8वीं तक महज 3 कमरों में लगने वाली स्कूल की साफ सफाई व अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ा एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। इसे सीएम शिवराज को भी टैग किया है। अंजड़ पहुंचे डिजिटल बाबा ने पत्रिका टीम को बताया कि नर्मदा किनारे संचालित होने वाले अन्नकूट अन्य क्षेत्र में शासन द्वारा कम या निर्धारित शुल्क में नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए भोजन सामग्री का प्रबंध शासकीय मत्स्य करवाना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का उदाहरण देते हुए बताया कि कुंभ में यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ में कई आयोजन किए जिसमें साधुओं को कुंभ में किसी भी प्रकार से कोई परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।
Published on:
13 Nov 2022 01:24 pm
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