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क्रांतिकारी शहीद भीमा नायक पर बनी फिल्म रीलिज होने से पहले शुरू हुआ विवाद

फिल्म निर्देशक मुकेश चौकसे ने लगाया स्क्रिप्ट कॉपी राइट का आरोप, बिना सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेट के फिल्म प्रदर्शन भी बताया गैरकानूनी

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The controversy started before the film was released on the revolutionary martyr Bhima Nayak

The controversy started before the film was released on the revolutionary martyr Bhima Nayak

बड़वानी. जिले के क्रांतिकारी शहीद भीमा नायक पर बनी फिल्म रीलिज के पूर्व ही विवादों में आ गई। एक साल से भीमा नायक पर फिल्म बना रहे निर्माता, निर्देशक और एक्टर मुकेश आरके चौकसे ने जय आदिवासी युवा संगठन कोर कमेटी द्वारा बनाई गई फिल्म के डायरेक्टर पर स्क्रिप्ट, टाईटल कॉपी राइट का आरोप लगाया। साथ ही बिना सेंसर बोर्ड की अनुमति और प्रमाण पत्र लिए फिल्म को रीलिज करने को गैरकानूनी भी बताया। चौकसे ने इसकी शिकायत सेंसर बोर्ड, विभिन्न फिल्मी संगठनों सहित मुख्यमंत्री को भी की है। वहीं, जयस कोर कमेटी ने टाइटल रजिस्टर्ड होने व चौकसे द्वारा बनाई जा रही फिल्म को आदिवासी योद्धा के जीवन को गलत ढंग से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।

हमें भीमा नायक का इतिहास जानने में वर्षों लग गए है
जयस कोर कमेटी द्वारा निर्मित डाक्यूमेंट्री फिल्म आदिवासी योद्धा भीमा नायक का प्रदर्शन 29 दिसंबर को किया जा रहा है। फिल्म प्रदर्शन के पूर्व निर्माता मुकेश चौकसे ने बड़वानी आकर मीडिया के सामने जयस पर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने भीमा नायक पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई है वे हमारी शुटिंग के दौरान आए थे। इसके बाद इन लोगों ने टायटल को लेकर ये फिल्म की शुटिंग शुरू कर दी। जिसमें सेम ड्रेस, सेम सीन व सेम शॉट लिए जो हमारी नकल है। हमें आदिवासी योद्घ भीमा नायक का इतिहास जानने में वर्षों लग गए है।

12 नाम से कराए टाइटल रजिस्टर्ड
चौकसे ने बताया कि फिल्म रीलिज करने के लिए टायटल का रजिस्टर्ड होना जरूरी है। इसके साथ ही सीसीसीए में फिल्म का नाम रजिस्टर्ड, सेंसर सर्टिफिकेट, फिल्म के पोस्टर, कहानी रजिस्टर्ड, बैनर रजिस्टर्ड सहित अन्य अनुमति जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवान सोलंकी नामक व्यक्ति द्वारा गलत प्रचार कर धोखाधड़ी कर रहा है। खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में उक्त फिल्म नही दिखाई गई। चौकसे ने बताया कि उनके द्वारा फिल्म पर करीब सवा करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। उन्होंने शहीद भीमा नायक के नाम से आदिवासी भीमा नायक, वीर भीमा नायक, क्रांतिकारी भीमा नायक, मालवा-निमाड़ का सुपरमैन भीमा नायक व 1857 का क्रांतिकारी भीमा नायक के नाम से रजिस्टर्ड कराया है।

प्रोजेक्टर के माध्यम से करेंगे प्रदर्शन
आदिवासी योद्घा भीमानायक के डायरेक्टर सूर्या डोडवे व जयस की जिलाध्यक्ष सीमा वास्कले का कहना है कि उनकी फिल्म व टेलर मुम्बई में रजिस्टर्ड है। अगर रस्जिटर्ड नही होती तो ऑन लाइन रजिस्टे्रशन होता ही नही। वो लदंन से कहानी लाए है। तो क्या भीमानायक लदंन से है। यदि हमारी फिल्म रीलिज नही होती है, हम प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाएंगे। जो हम पर आरोप लगा रहे है, उन्हें पूरी जानकारी नही है। हमारे पास सारे दस्तावेज है।