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अस्पताल में बिजली है क्या? मुझे एक्स-रे कराना है

बिजली कटौती में नहीं होते अस्पताल में एक्स-रे, मरीज परिचितों से बिजली की स्थिति जानने के बाद आते हैं अस्पताल, 12 जनरेटर होने के बाद भी कटौती में नहीं होते एक्स-रे

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X-ray in hospital does not contain electricity

X-ray in hospital does not contain electricity

बड़वानी (सागर जाट). 'हैलो विनोद भैया, क्या जिला अस्पताल में बिजली चालू हैं, यदि चालू हो तो पता करके बताओ मुझे एक्स-रे कराने आना है...Ó इस तरह के फोन कॉल बड़वानी में कईलोगों के पास आ चुके हैं। जिसका थोड़ा बहुत भी जिलाअस्पताल में आना जाना है या पहचान है उसके पास ऐसे फोन आते ही रहते हैं। वजह बड़ी साफ है। जिला अस्पताल में बिजली सप्लाय चालू होगी तभी अस्पताल में एक्स-रे भी होगा। यदि किसी वजह से बिजली कटौती होती है तो एक्स-रे मशीन भी बंद हो जाती है। इसके बाद अस्पताल के 12 जनरेटर एक साथ भी चला दिए जाए तो एक्स-रे मशीन नहीं चलती।ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में एक ही एक्स-रे मशीन है। मशीन दो वर्षपहले नईलगाई गई थी। लेकिन इन दिनों बिजली कटौती से लोगों के एक्स-रे भी नहीं हो पा रहे हैं। जिले में दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा होने से यहां रैफर मरीजों की संख्या भी अच्छी खासी है। लेकिन एक दो से दो घंटे बिजली कटौती भी काम को प्रभावित करती है।
बाहर पैसा देकर कराना पड़ता है एक्स-रे
जिला अस्पताल में जब जब बिजली कटौती होती है मरीजों की जेब पर अतिरिक्त भार भी बढ़ जाता है। एक्स-रे मशीन बंद होने पर मरीजों को बाहर एक्स-रे कराना पड़ता है। जिसके कारण एक मरीज को 500 से 800 रुपए तक खर्च हो जाता है।
इसलिए नहीं उठाता लोड़
जिला अस्पताल में तैनात रेडियोग्राफर की माने तो जनरेटर चालू करने के बाद वॉल्टेज कम-ज्यादा होने की समस्या आती है। इससे एक्स-रे मशीन का सॉफ्टवेयर उडऩे का अंदेशा रहता है। एक बार सॉफ्टवेयर उड़ता है तो दोबारा डलवाने में ज्यादा राशि खर्च करना पड़ती है। इसलिए एक्स-रे वार्ड के कर्मचारी मशीन को बंद रखना ही ठीक समझते हैं।
रोजाना होते है 100 से 150 एक्स-रे
वर्तमान में अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन डिजिटल है। जो किसी भी शासकीय अस्पताल में नहीं है। जिला अस्पताल होने के कारण रोजाना 400 से 500 ओपीडी रहती है। वहीं 100 से 150 एक्स-रे रोजाना होते हंै। अगर बिजली बंद रहती है तो मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि बिजली आने के बाद ही एक्स-रे मशीन को चालू किया जाता है।
पुरानी मशीन से होते थे 50-60 एक्स-रे
अस्पताल में दो साल पहले ही नई एक्स-रे मशीन लगाई गई है। इसके पहले मशीन से साधारण एक्स-रे होते थे। इस मशीन से रोजाना 50 से 60 एक्स-रे किए जाते थे। लेकिन नई मशीन लगने के बाद संख्या बढ़ी है। साथ ही लोड भी बढ़ा है।
वर्जन...
एसटी कनेक्शन का प्रस्ताव पास हो गया है। एक-दो दिन में काम शुरू होगा। इसमें अस्पताल की लाइन को सीधे बिजली की लाइन से जोड़ा जाएगा। इसके बाद समस्या खत्म होगी।
-डॉ.अनिता सिंगारे, सीएस, जिला अस्पताल