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police station – चार सिपाहियों के भरोसे 28 गांव-9 पंचायत

सैकड़ों ढाणीयों के सवा लाख करीब लोगों की सुरक्षा जिम्मेदारी चंद पुलिसकर्मियों के भरोसे, चौपहिया वाहन व थाना बने तो ही मिले राहत

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police station - चार सिपाहियों के भरोसे 28 गांव-9 पंचायत

बधाल। कस्बे में बनी जिले की प्रथम पुलिस चौकी जो सात दशक पहले से संचालित है। इसमें पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने से 9 ग्राम पंचायतों के 28 गांव व सैकड़ों ढाणीयों के करीब सवा लाख लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल चार पुलिसकर्मियों के भरोसे है।
बधाल गांव सांभर पंचायत समिति का सबसे बड़ा कस्बा होकर जयपुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित है। इसके दो तरफ की सीमाओं पर सीकर व नागौर जिले की सीमाएं है। यहां के बाशिन्दों ने कई बार उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को पुलिस चौकी में स्टाफ बढ़ाने व इसे पुलिस थाना बनवाने की मांग की है, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने कई बार उठाई मांग
ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण व उपाधीक्षक सांभर सहित थाना प्रभारी रेनवाल को कई बार व सीएलजी सदस्यों की बैठकों में पुलिस चौकी को क्रमोन्नत करवाने व कर्मचारियों की बढ़ोतरी सहित चौपहिया वाहन उपलब्ध करवाने की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में लूट, डकैती, लूटपाट, हत्या व अपहरण की वारदाते होने पर चौकी स्टाफ व साधन की कमी के चलते 20 किलोमीटर दूर रेनवाल थाने से जाप्ता व साधन मंगवाने पड़ते है। तब तक वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी फरार हो जाते है और अन्य जिलों की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, कई खानापूर्तियों को पूरा करने में इतना समय लग जाता है कि अपराधी को भागने में कामयाबी मिल जाती है।

यह है चौकी की वर्तमान स्थिति
नवयुवक मंडल अध्यक्ष रणवीर सिह शेखावत, सरपंच विजय सामोता ने बताया कि बधाल पुलिस चौकी में एक एएसआई, एक हैड कांस्टेबल, छह सिपाही के पद स्वीकृत है। वाहन के नाम पर एक पूरानी मोटर साइकिल है। जिनमें से हैडकांस्टेबल बाबूलाल जाट का तबादला हो जाने से यह पद खाली है। वही 3 कांस्टेबल का पद भी करीबन एक साल से रिक्त चल रहा है। छह सिपाहियों के पद स्वीकृत होने के बावजूद तीन ही कार्यरत है। यहां कार्यरत एएसआई राजकीय या निजी कारणों से नहीं मिलने के कारण और चौकी में हैडकांस्टेबल का पद रिक्त होने के कारण शिकायत के लिए 20 किलो मीटर दूर रेनवाल थाने पर जाना पड़ता है। इससे पैसा व समय तो बर्बाद होता है, पुलिस को कानून पालना में परेशानी होती है। चौपहिया वाहन के अभाव में रात्रि गश्त में परेशानी होती है। खासकर सर्दियों में। अब पुलिस चौकी के एएसआई व तीन सिपाहियों के कंधों पर बधाल, ईटावा, लालासर, बाघावास, मलिकपुर, लूनियावास, बासड़ी व रलावता, काबरोकाबास, आदि नौ ग्राम पंचायत मुख्यालयों सहित इन पंचायतों के 28 गांव व इनकी सैकड़ों ढाणीयों के हजारों लोगों की जानमाल की सुरक्षा व कानून व्यवस्था पालना की जिम्मेदारी है। पुलिस चौकी में सालाना करीबन 175 मुकदमों की जांच व चालान होता है।

ग्रामीण एसपी ने दिया समस्या समाधान का आश्वासन
इस बारे में एसपी जयपुर ग्रामीण शंकरलाल शर्मा ने बताया कि मैं जल्द ही इलाके में दौरा कर पुलिस चौकी में स्टाफ बढ़वाने व चौपहिया वाहन भिजवाने का प्रयास करूंगा। जिससे ग्रामीणों को राहत मिले व गश्त का काम अनवरत चल सके। चौकी प्रभारी एएसआई कैलाशचंद यादव ने बताया कि प्रत्योक पंचायत मुख्यालय के हिसाब से कांस्टेबलों की संख्या हो यहा चौकी में जनसंख्या व क्षेत्रफल के अनुसार एक एएसआई, एक हैड कांस्टेबल के अलावा कम से कम दस सिपाही का स्टाफ व जीप होनी चाहिए। रेनवाल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल गीला ने बताया कि पुलिस के आलाअधिकारियों से मिलकर पुलिस चौकी में साधन व स्टाफ की कमी दूर करवाने की कोशिश करूंगा।