
Anandam program: छात्रों का बनना होगा स्वयंसेवक
सांभरलेक। राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार महाविद्यालय में आनन्दम कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। इसका उद्देश्य कॉलेज के विद्यार्थियों को समाज के प्रति योगदान करने और बदले में अकादमिक क्रेडिट अर्जित करना है। इससे महाविद्यालय में छात्रों को जॉय ऑफ गिवनिश जैसे मूल्यों को स्थापित करने का श्रेय दिया जाएगा।
छात्रों का सामाजिक मुद्दों के लिए अनिवार्य स्वयंसेवक बनना होगा। छात्रों को इस शैक्षणिक सत्र में उनके पाठ्यक्रम के भाग के रूप में सामुदायिक सेवा से परिचित करवाया जाएगा। छात्रों को निर्धारित कार्यो के माध्यम से समाज के कल्याण के लिए काम करना होगा और उन्हें समय पर पूरा करना होगा।
नोडल अधिकारी नियुक्त
आनन्दम योजना के माध्यम से सामुदायिक सेवा को कॉलेज के पाठ्यक्रम में पेश किया जाएगा जो कि नागरिकों के समग्र विकास के लिए गांधीवादी दृष्टीकोण से प्रेरित है। कोविड-19 महामारी परिदृश्य के मद्देनजर अनिवार्य आनन्दम विषय को कॉलेज खुलने तक ऑनलाइन चलाया जाएगा। आनन्दम विषय में वार्षिक योजना (एक परियोजना) के लिए 100 अंक निर्धारित है, इसके सफल संचालन के लिए डॉ. मक्खनलाल नायक सह आचार्य राजनीति विज्ञान को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विद्यार्थियों को वाट्सएप से देंगे जानकारी
नियुक्त मेन्टर, विद्यार्थियों को वाट्सएप समूह के माध्यम से आनन्दम विषय और उसके तहत की जाने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी देंगे व छात्रों को प्रतिदिन अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे और उस कार्य को एक रजिस्टर में प्रतिदिन नोट करेंगे। हर महिने के अंतिम सप्ताह में आनंदम दिवस मनाया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी उन गतिविधियों के बारे में प्रस्तुति देंगे जिनमें वे शामिल है। मेन्टर इन गतिविधियों की मासिक रिपोर्ट कॉलेज के नोडल अधिकारी को देंगे व कॉलेज का नोडल अधिकारी संकलित जानकारी को आयुक्तालय स्तर पर आनंदम नोडल अधिकारी से साझा करेंगे।
Published on:
28 Nov 2020 11:28 pm
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