बस्सी @ पत्रिका. बस्सी पंचायत समिति सभागार में बुधवार को प्रधान इंदिरा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत समिति की साधारण सभा में जन प्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर उनके कार्य नहीं करने का आरोप लगाते हुए कई बार हंगामा किया। जन प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत समिति की साधारण सभा में जब उनके बताए काम ही नहीं होते हैं तो उनका सभा में आने का फायदा क्यां है।
जन प्रतिनिधधियों ने कहा कि अपने इलाके में जाते हैं उनको जनता को जवाब देना भारी पड़ जाता है। इधर अधिकारियों की कार्य प्रणाली का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चार महीने पहले यानि 11 नवम्बर 2022 को हुई पंचायत समिति की साधारण सभा में जन प्रतिनिधियों ने 57 मुद्दे उठाए थे, जिनमें से विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने 30 सवालों का जवाब आज तक भी नहीं दिया यानि अनुपालना रिपोर्ट तैयार नहीं की।
जानकारी के अनुसार सुबह 11 बजे से पंचायत समिति में साधारण सभा आयोजित होनी थी, लेकिन कोरम पूरी नहीं होने से सभा 1 घंटे 20 मिनट देरी यानि 12.20 बजे शुरू हो पाई। प्रधान इंदिरा शर्मा की अनुमति से पंचायत समिति विकास अधिकारी रमेश मीना ने 11 नवम्बर 2022 को आयोजित पिछली साधारण सभा की बैठक की कार्यवाही एवं उनकी अनुपालना रिपोर्ट पढ़ सुनाई । इसके बाद सबसे पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुद्दों पर बहस शुरू हुई। सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को सरपंच एवं पंचायत समिति सदस्यों ने अपने – अपने इलाकों की सड़कों िस्थति से अवगत कराते हुए उनकी मरम्मत एवं नवीनीकरण कराने की मांग की गई। इसे बाद विद्युत निगम, जलदाल विभाग, बीसलपुर पेयजल योजना, महिला बाल विकास विभाग, कृषि, शिक्षा राजस्व, वन विभाग, चिकित्सा विभाग सहित कई विभागों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और प्रधान ने अधिकारियों जन प्रतिनिधियों की रिपोर्ट की पालना करने के निर्देश दिए।
इन विभागों ने तो चार महीने बाद भी नहीं की अनुपालना
किसी भी उपखण्ड में सबसे बड़ी मिटिंग उस इलाके की पंचायत समिति की होती है। इनमें सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और विधायक एवं उपखण्ड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहते हैं। जब साधारण होती है तब जन प्रतिनिधियों व आम जन को आस रहती है कि उनके मुद्दों का समाधान होगा। लेकिन बस्सी पंचायत समिति में 11 नवम्बर 2022 को आयोजित पंचायत समिति की साधारण सभा में जन प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों में अधिकांश विभाग ने चार महीने बाद भी अनुपालना रिपोर्ट ही नहीं भेजी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के अधिकारी कितने कर्तव्यवनिष्ठ है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 2 मामलों की अनुपालना रिपोर्ट तैयार नहीं की। इसी प्रकार विद्युत निगम की समस्यों के जन प्रतिनिधियों ने 10 मुद्दे उठाए थे, जिनमें से 8 सवालों के जवाब अधिकारियों ने चार महीने बाद भी नहीं दिए। जलदाय विभाग ने भी 1 सवाल का जवाब नहीं दिया। बीसलपुर परियाेजना के चार सवालों में एक की अनुपालना रिपोर्ट नहीं आई। महिला बाल विकास विभाग को कोई मुद्दा नहीं उठा। जबकि कृषि विभाग का एक सवाल था, जिसका भी अनुपालना रिपोर्ट नहीं आई। राजस्व विभाग ने नहीं दी अनुपालना रिपोर्ट। वन विभाग के 3 सवाल थे, एक भी जवाब नहीं मिला। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से 6 सवाल किए थे, जिनमें से एक की भी अनुपालना रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। पुलिस विभाग से चार सवालल किए थे, जिनमें से एक का भी जवाब नहीं आया। इसके अलावा अन्य विभाग से जन प्रतिनिधियों ने 3 सवाल किए थे, जिनमें से एक की भी अनुपालना नहीं की।
अब ये उठाए मुद्देसरपंच संघ उपाध्यक्ष अशोक मीना ने कहा कि उनके इलाके में सड़कों की िस्थति खराब है, उन पर चलना मुश्किल है। जिला परिषद सदस्य रामकेश मीना ने कहा कि सड़कों के बगल में जगह जगह गड्दे हो रहे हैं। बालिका छात्रावास के सामने ब्रेकर बनाए जाएं। मोहनपुरा सरपंच कल्याण सहाय मीना ने कहा विभाग स्वयं के कार्यालय के पीछे ही सड़क की मरम्मत नहीं कर पाया। इसी प्रकार हंसमहल सरपंच रोहित मालावत ने खेल मैदानों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों को हटाने की मांग की। जिपस रामकेश ने स्टेग वायर लगाने, सरपंच अशोक मीना ने रात को सिंगल फेज बिजली को पूरी रात चालू रखने की मांग की।
बूरथल सरपंच सरिता मीना ने कहा कि उनकी ग्राम पंचायत में बिजली सम्बिन्ध कोई काम नहीं हो रहे हैं। कानोता सरपंच ने भी कई मुद्दे उठाए। इधर विधायक लक्ष्मण मीना ने भी अधिकारियों को हिदायत दी कि अधिकरियों को जनता के काम करने ही होंगे। किसी प्रकार की किंतु – परंतु नहीं चलेगा।अधिकारियों को खड़ा होकर जवाब देना चाहिए
जिला परिषद सदस्य रामकेश मीना व पड़ासोली सरपंच अशोक मीना ने अधिकारियों को बार -बार टोकते हुए कहा कि सभा में जब जन प्रतिनिधि खड़े होकर मुद्दे उठा रहे हैं तो अध्िाकारियों को भी अपनी सीट से खड़े होकर जवाब देना चाहिए। कई अधिकारी सीट पर बैठे -बैठे ही जवाब दे रहे थे।
घाटा सरपंच ने सहायक अभियंता पर लगाया धमकाने का आरोपघाटा सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष नीतू मीना ने विद्युत निगम के सहायक अभियंता सीएल सैनी पर उनको धमकाने का आरोप लगाया। सरपंच ने कहा कि उन्होंने बिजली की समस्या के समाधान के लिए एईएन के पास फोन किया था, लेकिन एईएन ने उल्टे उनको यानि सरपंच को सस्पेण्ड कराने की धमकी दी थी। हालांकि एईएन कहा कि आगे से ऐसा नहीं होगा।