
कालाडेरा (जयपुर)। ग्राम जयसिंहपुरा ग्राम पंचायत के गुवारडी स्थित जंगलात वन क्षेत्र में बुधवार मध्याह अज्ञात कारणों से आग लग गई। दमकल तो पहुंची लेकिन मौके तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने पर दमकलकर्मियों ने मिट्टी (बीटर पद्धति) से आग पर काबू पाया।
जानकारी अनुसार बुधवार मध्याह गुवारडी जंगलात के बिलायती बबूलों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। धीरे-धीरे आग जंगल में फैलती गई। इस दौरान जंगल में आग की लपटे व धुआ उठता देख आसपास के लोगों में हड़कम्प मच गया। इस दौरान दमकल व पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर चौमूं अग्निशमन केन्द्र से दमकल मौके पर पहुंची लेकिन जंगलात के रास्ते में घनी झाडिय़ां होने से दमकल मौके पर नहीं जा सकी। बाद में दमकलकर्मियों ने बीटर पद्धति (पानी की बजाय मिट्टी डालकर) आग पर काबू पाने का प्रयास किया। दमकलकर्मियों ने करीब घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया। कालाडेरा के पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
सूख चुके हैं बिलायती बबूल
हरियाली से आच्छादित रहने वाले गुवारडी जंगलात अब सूखने लगा है। वन क्षेत्र मेंं बिलायती बबूल सहित झाड-झखाड सूख चुके है। पहले यहां नीलगाय आदि विचरण करते थे। लेकिन सूखने से वन्यजीवों ने भी मुंह मोड़ लिया है।
फैल सकती थी आग
गुवारडी जंगलात में दमकलकर्मी राहुल वर्मा, महेश मंडोलिया, महेश आदि दमकलकर्मियों ने बड़ी सूझबूझ से आग पर काबू पाया। दमकलकर्मियों की ओर से समय रहते आग पर काबू लिया गया नहीं तो आग जंगल में फैल सकती थी। हालांकि इस दौरान करीब आधा बीघा वन क्षेत्र में बिलायती बबूल पेड़-पौधे व झाडिय़ा जलकर राख हो गए।
यह है बीटर पद्धति
अग्निशमन केन्द्र चौमूं के कार्यवाहक प्रभारी सुरेश यादव ने बताया कि अक्सर जंगलों और पहाड़ों पर दमकल नहीं पहुंच पाती। वहां यह पद्धति काम आती है। इसमें आग ज्यादा होने पर जंगल में आग के चारों ओर खाई सी खोद दी जाती है, इससे आग नहीं फैलती। सीमा के अंदर आग पर मिट्टी डाली जाती है। साथ ही गीली झांडिय़ों को काटकर आग पर मारा जाता है।
यह भी पढ़े: सावधान ! अब जयपुर के चौमूं में जाने के लिए वाहन चालकों को करनी पड़ेगी जेब ढीली
इनका कहना है
गुवारडी स्थित जंगलात में जहां तक दमकल पहुंची वहां तक पानी और उससे आगे बीटर पद्धति काम में ली। इसके अनुसार आग पर मिट्टी डालकर इसे बुझाया गया।
सुरेश कुमार यादव, कार्यवाहक प्रभारी अग्निशमन केन्द्र चौमूं
Published on:
08 Feb 2018 11:52 pm
