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Moksha Dham – पर्यटक स्थल बना मोक्षधाम

- पावटा के मोक्षधाम का किया कायाकल्प- भामाशाह एवं समाजसेवियों ने मोक्षधाम को बनाया स्वर्ग- 1 करोड़ रुपए के करीब किया भामाशाहों ने सहयोग

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Moksha Dham - पर्यटक स्थल बना मोक्षधाम

Moksha Dham - पर्यटक स्थल बना मोक्षधाम

प्रागपुरा। नौ बीघा में फैले मोक्षधाम का जीर्णोद्धार कर भामाशाहों ने स्वर्ग सा बना दिया। कस्बे पावटा में भामाशाहों के सहयोग से बना मोक्षधाम पर्यटक स्थल या बगीचे की तरह नजर आता है। जिसमें कस्बे के लोगों के लिए टहलने के लिए ट्रैक, चारों ओर हरे भरे पेड़ पौधे और बैठने के लिए कुर्सियां की व्यवस्था है।
मोक्ष धाम के सौंदर्यीकरण करने का बीड़ा करीब 4 साल पहले पावटा निवासी व हाल निवासी दिल्ली सीए ओम प्रकाश गोयल, सीए सुधीर अग्रवाल, सीए गोपाल बंसल, महेश मिश्रा, घनश्याम मंगल, अशोक मोटाका सहित कई लोगों ने उठाया। साथ ही पावटा ग्राम विकास समिति के नाम से एक संस्था का पंजीयन कराया गया। जिसका अध्यक्ष सेवानिवृत्त जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामदीन मीणा को बनाया गया।

1 साल का वेतन मोक्षधाम में किया भेंट
सर्वप्रथम जयपुर जिला देहात स्वामी समाज उपाध्यक्ष व प्रागपुरा उपसरपंच महेश स्वामी ने पानी की समस्या दूर करने के लिए एक बोरिंग व पूर्व प्रधान रेखा मीणा ने 1 साल का वेतन मोक्षधाम को भेंट कर शुरुआत की। कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अशोक मोटाका ने बताया की पानी की समस्या बढ़ती देकर प्रागपुरा पूर्व सरपंच ऐलन स्वामी ने बोरिंग को गहरा करवाया व पांचूडाला के पूर्व उप सरपंच व एमएम ग्रुप निदेशक मनोज मित्तल ने एक बोरिंग करवाई।

यह किया बदलाव
पहले से बने पुरुषों की स्मृति में बरामदों का पुर्ननिर्माण करा कर आधुनिक स्वरूप दिया है। अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को गर्मी से निजात के लिए पंखों की व्यवस्था की गई है। 35 हजार की आबादी वाले कस्बे में सभी जातियों का परिसर में श्मशान घाट बने हुए है, जिसमें सभी की सहमति प्रदान कर एक लाइन में पक्के निर्माण टिनसैट युक्त प्लेटफार्मो का निर्माण कराया गया। समिति द्वारा 400 पेड़ लगाकर इन को सुरक्षित कर क्षेत्र को हरा-भरा बनाया जा रहा है। पूर्व प्रधान रेखा मीणा ने मोक्ष धाम समिति के करीब 200 पौधे व गुरु गोलवलकर योजना से 16 लाख रुपए उपलब्ध करवाए हैं। समिति के संरक्षक सीए ओम प्रकाश गोयल ने कोलकाता जाकर मोक्ष धाम के सौन्दर्यकरण के लिए कार्य भामाशाहों से मोक्षधाम विकास के लिए धनराशि एकत्रित की है।

दफनाने का स्थान
समिति के अध्यक्ष डॉ. आरडी मीणा व घनश्याम मंगल, करण पंसारी, समिति के संस्थापक सदस्य विमल गर्ग ने बताया कि नवजात बच्चों को दफनाने के स्थान को चारों तरफ दीवार व हैज लगा कर सुरक्षित किया गया है।

कृत्रिम झील बनी आकर्षण का केंद्र
समिति संस्थापक विमल गर्ग ने बताया की श्मशान घाट परिसर में जल संरक्षण व पक्षियों के पानी पीने के लिए कच्चे झील व एक पक्का ट्रैक बनाया गया है। जिस पर सुबह कस्बेवासी टहलने आते है। समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम मोटाका, कोषाध्यक्ष अनूप गर्ग, महामंत्री विष्णु कुमार पटेल ने बताया कि निरंतर भामाशाह से करीब 1 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके है। सीए ओम प्रकाश गोयल व सीए सुधीर बंसल के प्रयासों से बड़ी धनराशि आई है।

इन भामाशाह ने कायाकल्प में किया सहयोग
कमेटी सदस्य घनश्याम मंगल, अनुप गर्ग ने बताया की मोक्षधाम निर्माण में गैंदालाल श्रवणकुमार गोयल, सुरेश गोयल, कैलाश गोयल ने 3 लाख रुपए, कैलाश क्लोथ स्टोर की और पावटा निवासी एवं जलदाय विभाग में एक्सइएन अशोककुमार जांगिड़ ने 1.50 लाख की ओवरहैड टंकी व करीब 1.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डलवाई। किराना थोक व्यापार मंडल संस्थापक किशनलाल गोयल व ओमप्रकाश गोयल परीवारजन द्वारा करीब 20 लाख रुपए की लागत से मोक्षधाम का मुख्य दरबार बनवाया। लल्लू राम, रतन लाल, श्रवण कुमार व मुकेश कुमार जिंदल ने एक बड़ा हॉल का निर्माण करवाया है। कैप्टन मनोहर लाल अरोडा ने 20 बैंच, सियाराम कारोली वाले व गजेन्द्र गर्ग ने 51 हजार सहित अनेक भामाशाहो ने नकद राशि सहयोग व समिति के अध्यक्ष डॉ आरडी मीणा ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद नहाने व दो स्थानों पर प्लेटफार्म बनाए गए हैं। मोक्षधाम में सभी समाजो के श्मशान घाटो पर छाया, पानी व पक्के प्लेटफार्म बनाए गए है। इधर विराटनगर विधायक इन्द्राज गुर्जर का कहना है की सार्वजनिक स्थानों के चहुमूखी विकास के लिए भामाशाहों का सहयोग आवश्यक है।