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कड़कड़ाती सर्दी में आधे जमीन में खड़े रहकर दिनरात सत्याग्रह कर रहे हैं किसान

जमीन के मुआवजे का मामला
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बस्सी

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Arun Sharma

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Updated: 9 Jan 2020, 9:31 PM IST

कड़कड़ाती सर्दी में आधे जमीन में खड़े रहकर दिनरात सत्याग्रह कर रहे हैं किसान

कड़कड़ाती सर्दी में आधे जमीन में खड़े रहकर दिनरात सत्याग्रह कर रहे हैं किसान

जयपुर रामपुरा-डाबड़ी. नींदड़ बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में जेडीए द्वारा भूमि अधिग्रहण के विरोध में चल रहे आंदोलन के तीसरे दिन गुरुवार को भूमि समाधि लेने वाले एक सत्याग्राही की तबीयत बिगड़ गई, जिस पर उसे जयपुर के कांवटिया चिकित्सालय में भेजा गया। जेडीए जोन 12 के उपायुक्त मनीष फौजदार, एसीपी प्रियंका कुमावत व हरमाड़ा थाना अधिकारी रमेश सैनी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की, लेकिन विफल रही।
जानकारी अनुसार संघर्ष समिति संयोजक डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश बोहरा, शीशपाल शर्मा, किशनलाल शर्मा व सीताराम शर्मा ने भूमि समाधि ली हुई है। इनमें से सर्दी के कारण सीताराम शर्मा की तबीयत बिगडऩे के बाद उनके स्थान पर रामराय बोहरा को भूमि समाधि दिलाई गई। इस दौरान एक निजी चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया, लेकिन सीताराम की हालत बिगडऩे पर 108 एंबुलेंस के जरिए जयपुर के कांवटिया अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। शेखावत ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मामले को उलझा रही है।

सरकार पर निकाला गुस्सा
संघर्ष समिति के अध्यक्ष कैलाश बोहरा ने कहा कि किसानों ने अपना हक लेने के लिए सत्याग्रह किया है, लेकिन सर्दी में दिन-प्रतिदिन किसानों की हालत बिगड़ती जा रही है। लेकिन सरकार को परवाह नहीं है। समिति प्रवक्ता हरिशंकर शर्मा ने कहा कि किसान अपनी भूमि देने को तैयार है, लेकिन सरकार मुआवजा तथा 25 प्रतिशत भूमि को किसानों की जमीन के पास दिया जाए। किसान संजय कुमावत, राजावास व्यापार मंडल के प्रवक्ता मनीष गुलिया, जिला पार्षद मोहन डागर ने भी विचार व्यक्त किए।