
जल जीवन मिशन में अब प्रत्येक कनेक्शनवार 2250 रुपए जन सहभागिता राशि ली जाएगी
शाहपुरा।
सरकार की जल जीवन मिशन योजना में अब पेयजल उपभोक्ताओं से जन सहभागिता राशि योजना की लागत का 10 फीसदी के बजाय प्रति घरेलु कनेक्शन 2250 रुपए लिए जाएंगे। जिससे उपभोक्ताओं को अधिक राशि वहन नहीं करनी पड़ेगी। उनको राहत मिल सकेगी। इससे पहले योजना पर लागत का 10 फीसदी जन सहभागिता के रुप में लेना तय किया गया था। जो जयपुर जिले की शाहपुरा, पावटा, विराटनगर सहित कई ब्लॉक में पेयजल गहराई पर होने से उपभोक्ताओं पर अधिक भार पड़ रहा था। अब उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।
जल जीवन मिशन योजना में पेयजल उपभोक्ताओं से ली जाने वाली जन सहभागिता राशि कम करने, योजना के संचालन सहित अन्य समस्याओं को लेकर राजस्थान सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को जलदाय मंत्री महेश जोशी से मुलाकात की।
इस दौरान सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल, प्रदेश प्रवक्ता जयराम पलसानिया, जयपुर जिला अध्यक्ष मेहर सिंह धनकड़ सहित अन्य सदस्यों ने जलदाय मंत्री को जल जीवन मिशन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया और ज्ञापन देकर उनके निस्तारण की मांग की। जिस पर मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वहीं, इसके बाद सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल की जिले के सीईओ जसमीत सिंह सिद्धू, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा व जलदाय विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ जल जीवन मिशन में आ रही समस्सायाओं को लेकर बैठक में चर्चा हुई। जिसमें सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष गढ़वाल, प्रदेश प्रवक्ता जयराम पलसानिया, जिला अध्यक्ष मेहर सिंह धनखड़ एवं भाबरू सरपंच शशिकांत शर्मा ने विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
जलदाय विभाग के एक्सईएन शाहपुरा विशाल सक्सैना ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना में पहले विभाग की ओर से योजना पर खर्च राशि का १० फीसदी उपभोक्ताओं से लेना तय था। अब सरपंच संघ के साथ विभागीय अधिकारियों की हुई बैठक में न्यूनतम राशि २२५० रुपए प्रति परिवार लेने पर सहमति बनी है। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।
सरपंच संघ की कई मांगों पर बनी सहमति
सरपंच संघ ने अधिकारियों से जल जीवन मिशन में जन सहभागिता राशि 10 प्रतिशत के बजाय प्रत्येक उपभोक्ता से न्यूनतम 2250 रुपए लिए जाने की मांग रखी। जिस पर अधिकारियों ने सहमति जताई।
इसके अलावा सरपंच संघ ने योजना के संचालन में एनजीओ का व्यक्ति दिए जाने, पीएचइडी के कार्मिक द्वारा ही योजना का संचालन करने या एक कर्मचारी का मानदेय ग्राम पंचायतों के खातों में पीएचईडी विभाग द्वारा दिए जाने की मांग रखी।
विद्युत कनेक्शन भी वाणिज्यिक के बजाय कृषि में देने या फिर सोलर कनेक्शन देने की मांग की। जिस पर अधिकारियों ने मांगों के मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Published on:
14 Dec 2021 09:31 pm
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