
फ्लोरोसिस रोग की रोकथाम संभव
कोटपूतली। फ्लोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत रविवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जिला जयपुर प्रथम द्वारा यहां सरदार जनाना अस्पताल में प्रशिक्षण कार्यशाला हुई।
इसमें जिला फ्लोरोसिस नियंत्रण अधिकारी डॉ. रतन सिंह ने फ्लोरोसिस बीमारी के लक्षण, रोकथाम व बचाव के उपाय के बारे में बताया।
फ्लोरोसिस रोग हो सकता
उन्होंने बताया पानी में 1 पीपीएम से अधिक फ्लोराइड की मात्रा एवं खाद्य पदार्थों में फ्लोराइड की अधिक मात्रा शरीर में जाने से एवं फ्लोरोसिस रोग हो सकता है। इससे वृद्धावस्था के लक्षण प्रकट हो जाते हैं। शरीर में कूबड़ होना, घुटनों में दर्द, दांत पीले होना एवं अन्य कई प्रकार के मानसिक अवसाद, नपुंसकता, शारीरिक कमजोरी बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब होने जैसी कई समस्याएं हो सकती है।
खानपान में परिवर्तन से इसकी रोकथाम
जिला अधिकारी ने बताया कि खानपान में परिवर्तन से इसकी रोकथाम संभव है। बीसीएमएचओ डॉ. रामनिवास यादव ने सभी प्रतिभागी आशा, एएनएम, आशा सुपरवाइजर, जीएनएम इत्यादि को प्रशिक्षण की संक्षिप्त गुणवत्ता और बचाव के उपायों के बारे में बताया। यहां ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी विजय तिवारी व प्रेमप्रकाश सैनी उपस्थित रहे।
Published on:
30 Dec 2020 12:29 am
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