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इस विधानसभा सीट के गठन के बाद से आज तक यहां से नहीं जीत पाई कांग्रेस, क्या अबकी बार खुलेगा खाता?

पिछले विधानसभा चुनाव के रुझानों को लेकर कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे ठोक रहे है, लेकिन 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित होने पर ही स्थिति साफ हो पाएगी कि ताज किसके सिर बंधेगा।

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Rajasthan Election 2023: shahpura assembly constituency

पिछले विधानसभा चुनाव के रुझानों को लेकर कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे ठोक रहे है, लेकिन 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित होने पर ही स्थिति साफ हो पाएगी कि ताज किसके सिर बंधेगा। यहां परिसीमन के बाद 2008 से हो रहे विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस अभी तक जीत का स्वाद नहीं चख पाई है। तीन विधानसभा चुनाव में दो बार भाजपा व एक बार निर्दलीय ने जीत दर्ज की है। चाय की थड़ी से लेकर शहर से लेकर गांव तक ग्रामीणों के बीच सिर्फ चुनाव की जीत हार का गणित चल रहा है।

वर्ष 2008 में हुआ था परिसीमन
जानकारी अनुसार शाहपुरा पहले बैराठ विधानसभा सीट के अधीन था। निर्वाचन आयोग ने बैराठ विधानसभा क्षेत्र का वर्ष 2008 में परिसीमन कर शाहपुरा एवं विराटनगर के नाम से दो नए विधानसभा क्षेत्र बनाए थे, लेकिन परिसीमन के बाद से 2008 एवं 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। वहीं 2018 में भी निर्दलीय ने बाजी मारी। परिसीमन के बाद हुए दो चुनाव में शाहपुरा विधानसभा सीट पर जाट एवं यादव का बाहुल्य होने के कारण जातिगत समीकरण हावी रहे।

विधानसभा चुनाव एक नजर में.....
वर्ष 2008
आलोक बेनीवाल (कांग्रेस)
राव राजेन्द्र सिंह (भाजपा)
जीते: राव राजेंद्र सिंह (भाजपा)

वर्ष 2013
आलोक बेनीवाल (कांग्रेस)
राव राजेन्द्र सिंह(भाजपा)
जीते: राव राजेंद्र सिंह (भाजपा)

वर्ष 2018
मनीष यादव (कांग्रेस)
राव राजेन्द्र सिंह (भाजपा)
आलोक बेनीवाल (निर्दलीय)
जीते: आलोक बेनीवाल (निर्दलीय)