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राजस्थान विधानसभा चुनाव: उम्मीदवार और उनके समर्थकों के उड़े होश, अटकलों का बाजार हुआ गर्म

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव-2023 के लिए शनिवार को हो रहे मतदान में जयपुर ग्रामीण की 11 विधानसभाओं में 100 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है, अब इनकी तकदीर का फैसला 3 दिसम्बर को जाएगा।

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बस्सी। राजस्थान विधानसभा चुनाव-2023 के लिए शनिवार को हो रहे मतदान में जयपुर ग्रामीण की 11 विधानसभाओं में 100 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है, अब इनकी तकदीर का फैसला 3 दिसम्बर को जाएगा। मतदान पूरा होने के बाद शनिवार शाम छह बजे बाद से ही अब अटकलों का बाजार गर्म हो जाएगा, जो तीन दिसम्बर सुबह तक चलेगा, दोपहर से परिणाम आना शुरू हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार जयपुर जिले की बस्सी, चाकसू एवं जमवारामगढ़ विधानसभा सीटों पर 24 प्रत्याशी मैदान में हैं और पूरे जयपुर ग्रामीण की सभी 11 सीटों की बात की जाए तो भाजपा, कांग्रेस, अन्य पार्टियों एवं निर्दलीय 100 प्रत्याशी मैदान में हैं। किस प्रत्याशी की किस्मत चमकेगी इसका पता तो 3 दिसम्बर को ही चलेगा। फिलहाल प्रत्याशी एवं उनके समर्थकों के होश उड़े हुए हैं। जिसके पक्ष में अधिक मतदान हो रहा है वे भी डरे हुए हैं तो जिसको कम वोट मिल रहे हैं वे भी डरे हुए हैं।

इन विधानसभाओं में इतने प्रत्याशी
जयपुर ग्रामीण की बस्सी विधानसभा सीट पर 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसी प्रकार जमवारामगढ़ में 8, चाकसू में 5, कोटपूतली में 9, दूदू में 4, फुलेरा 8, बगरू 12, विराटनगर 11, चौमू 9, शाहपुरा 6 व आमेर में 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे कम प्रत्याशी दूदू सीट पर है तो सबसे अधिक आमेर विधानसभा सीट पर चुनावी मैदान में हैं। इन 11 विधानसभा सीटों में पांच सीटों पर भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों में सीधी टक्कर है तो तीन सीटों पर त्रिकोणात्मक मुकाबला है। जबकि तीन सीटों पर चतुष्कोणीय मुकाबला है। अब इनमें कौन प्रत्याशी विधानसभा पहुंचता है, जिसका फैसला तो 3 दिसम्बर को ही होगा।

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मतदाता साइलेंट, अटकलों पर विराम
इस बार विधानसभा चुनाव में अधिकांश मतदाता साइलेंट तरीके से मतदान कर रहे हैं, ऐसे में स्वयं प्रत्याशी एवं उनके समर्थकों को भी रुझान का पता नहीं चल पा रहा है। हालांकि मतदान से पहले तक जो धड़े प्रत्याशियों के पक्ष में खुल कर सामने आ रहे थे, वे वोटों का गणित लगाने में घनचक्कर है। साइलेंट वोटों के कारण राजनीतिक के अच्छे गणितकार भी अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं।

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